Edited By Anu Malhotra,Updated: 16 Apr, 2026 10:44 AM

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज TCS के नासिकऑफिस में 18 से 25 साल की लड़कियों को न केवल यौन प्रताड़ना का शिकार बनाया गया, बल्कि उन्हें जबरन नमाज पढ़ने और नाॅनवेज खाने के लिए भी मजबूर कया गया। मामला उजागर होने पर महाराष्ट्र पुलिस ने 9 एफआईआर दर्ज कर...
नेशनल डेस्क: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज TCS के नासिकऑफिस में 18 से 25 साल की लड़कियों को न केवल यौन प्रताड़ना का शिकार बनाया गया, बल्कि उन्हें जबरन नमाज पढ़ने और नाॅनवेज खाने के लिए भी मजबूर कया गया। मामला उजागर होने पर महाराष्ट्र पुलिस ने 9 एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
HR मैनेजर ही निकली 'मास्टरमाइंड'
वहीं इस मामले की जांच कर रही SIT ने बुधवार को बड़ा खुलासा किया। जांच के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़ितों की बार-बार की शिकायतों को नजरअंदाज किया और उन्हें कंपनी के उच्च अधिकारियों तक नहीं पहुंचाया। पुलिस के अनुसार, HR मैनेजर निदा खान कथित तौर पर इस मामले की 'मुख्य साजिशकर्ता' हैं, जिन्होंने शिकायत को दबाने और आरोपियों को बचाने की कोशिश की। जांच के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों के बीच हुई लगभग 78 'संदिग्ध' कॉल, ईमेल और चैट के रिकॉर्ड बरामद किए हैं। पुलिस को संभावित वित्तीय लेन-देन के भी सबूत मिले हैं।
पुलिस के मुताबिक, मानव संसाधन प्रबंधक ने पीड़ितों को बार-बार मामला छोड़ने के लिए कहा और Office में यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति (POSH) की सदस्य होने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इस बीच, पुलिस सूत्रों ने बताया कि TCS Nashik Branch के सहायक महाप्रबंधक, कथित तौर पर मामला दर्ज होने के बाद भी तीसरे आरोपी दानिश शेख के संपर्क में थे और गिरफ्तारी से पहले उन्होंने शेख को फोन किया था।
TCS Nashik Branch में महिला कर्मचारियों के कथित उत्पीड़न की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) Call और Email रिकॉर्ड का विश्लेषण करने के बाद आरोपियों के बीच 'मिलीभगत' की संभावना की भी जांच कर रहा है।
इस मामले में कुल 9 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 1 मामला देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में और 8 मुंबई नाका में दर्ज हैं। उत्पीड़न, यातना और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों के साथ एक पुरुष समेत कुल 9 शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। 13 अप्रैल को अदालत ने ऑपरेशंस मैनेजर को आगे की पुलिस हिरासत में भेज दिया। मुख्य आरोपी दानिश शेख, अन्य आरोपियों आसिफ अंसारी, शफी शेख, रजा मेमन, तौसीफ अत्तार और शाहरुख कुरैशी के साथ वर्तमान में नासिक रोड जेल में बंद हैं।
जीरो टॉलरेंस की नीति
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने भी आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं और इन आरोपों को "बेहद चिंताजनक और पीड़ादायक" बताया है। एक बयान में चंद्रशेखरन ने कहा कि मामले को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है और आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि कंपनी चल रही जांच में पूरा सहयोग दे रही है। बयान में कहा गया है, TATA Group अपने कर्मचारियों द्वारा किसी भी प्रकार के दबाव या दुर्व्यवहार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है और यह भी कहा गया है कि तथ्यों का पता लगाने और सभी जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करने के लिए गहन जांच चल रही है।
जांच के दौरान पुलिस ने 40 से अधिक CCTV फुटेज की जांच की है और पीड़ितों और आरोपियों के बयान दर्ज कर रही है। एक आरोपी को पकड़ने के लिए महिला पुलिसकर्मियों की मदद से एक गुप्त अभियान भी चलाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ये घटनाएं 2022 और 2026 के बीच घटी बताई जा रही हैं। जांच फिलहाल जारी है और अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है, जिसके बाद अंतिम निष्कर्ष निकाले जाएंगे।