Edited By Rahul Rana,Updated: 23 Aug, 2026 12:31 PM

हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड को लेकर भारत और कनाडा के बीच लंबे समय से जारी विवाद ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है।
India-Canada Relation: हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड को लेकर भारत और कनाडा के बीच लंबे समय से जारी विवाद ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने पूर्व कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा है कि भारत सरकार को निज्जर की हत्या से जोड़ने से पहले ठोस और भरोसेमंद सबूत सामने रखे जाने चाहिए थे।
आरपी सिंह ने कहा कि भारत शुरू से ही यह स्पष्ट करता रहा है कि निज्जर की हत्या में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। उनके मुताबिक, इसके बावजूद ट्रूडो सरकार ने भारतीय अधिकारियों को हत्या से जोड़ने वाले आरोपों को आगे बढ़ाया और इस पूरे मामले को भारत-कनाडा के बीच बड़े राजनयिक विवाद में बदल दिया।
अमेरिकी जांच में गैंगस्टर एंगल का जिक्र
आरपी सिंह ने अपने बयान में अमेरिकी अभियोजकों की ओर से गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी गोल्डी बराड़ पर निज्जर की हत्या का आदेश देने या उसकी साजिश में शामिल होने के आरोपों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम मामले में संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के संभावित एंगल को महत्वपूर्ण बनाता है।
बीजेपी प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि यदि जांच में हत्या की साजिश के तार गैंगस्टरों और संगठित अपराध तक पहुंच रहे हैं, तो ट्रूडो सरकार ने शुरुआत में भारत पर इतनी मजबूती से आरोप क्यों लगाए थे।
‘राजनीतिक दबाव सबूत की जगह नहीं ले सकता’
आरपी सिंह ने कनाडा की घरेलू राजनीति और खालिस्तान समर्थक गुटों के कथित प्रभाव का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ट्रूडो की अल्पमत सरकार के दौरान जगमीत सिंह की एनडीपी का समर्थन राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण था। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि किसी भी राजनीतिक दबाव को सबूत का विकल्प नहीं बनाया जा सकता।
उन्होंने कहा कि किसी विदेशी सरकार पर इतने गंभीर आरोप लगाने के लिए ठोस, विश्वसनीय और स्वतंत्र रूप से जांचे जा सकने वाले सबूत जरूरी हैं। भारत लगातार यह कहता रहा है कि कनाडा ने उसके सामने ऐसे विश्वसनीय सबूत उपलब्ध नहीं कराए।
‘किसने रची साजिश, किसने दिया आदेश?’
आरपी सिंह ने मामले की पूरी जांच और सच्चाई सामने लाने की मांग करते हुए कई सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि निज्जर की हत्या की साजिश वास्तव में किसने रची, हत्या का आदेश किसने दिया और इसे अंजाम किसने दिया।
उन्होंने कहा कि कनाडा को अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर उपलब्ध सबूतों का पीछा करना चाहिए। साथ ही अमेरिकी जांचकर्ताओं के साथ सहयोग करते हुए हत्या के वास्तविक दोषियों तक पहुंचने और उन्हें सजा दिलाने की दिशा में काम करना चाहिए।