सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ी, COJPA का आंदोलन 23वें दिन भी जारी

Edited By Updated: 12 Jul, 2026 03:52 PM

sonam wangchuk s health deteriorates cojpa s protest continues for the 23rd day

राष्ट्रीय राजधानी में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 15वें दिन रविवार को शिक्षाविद एवं जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत और बिगड़ गई तथा चिकित्सकों ने कहा कि उनका रक्तचाप और गिर गया है तथा उनका वजन 7.8 किलोग्राम घट गया है। परीक्षा में कथित...

नेशनल डेस्क: राष्ट्रीय राजधानी में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 15वें दिन रविवार को शिक्षाविद एवं जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत और बिगड़ गई तथा चिकित्सकों ने कहा कि उनका रक्तचाप और गिर गया है तथा उनका वजन 7.8 किलोग्राम घट गया है। परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर यहां जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (कॉजपा) का विरोध-प्रदर्शन रविवार को 23वें दिन जारी रहा।

बुद्धिजीवी आंदोलन के प्रति दिखा रहे हैं समर्थन 
कॉजपा की ओर से जारी स्वास्थ्य सूचना के मुताबिक, भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से वांगचुक का रक्तचाप गिरकर 104/66 एमएम एचजी (मिलीमीटर इन मर्करी) हो गया है, जबकि उनका वजन 7.8 किलोग्राम घट गया। इसके अलावा, कॉजपा ने बताया है कि कई नेता और जाने-माने बुद्धिजीवी आंदोलन के प्रति समर्थन दिखाने के लिए दिन में विरोध स्थल का दौरा करने वाले हैं।

अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखी
संगठन के अनुसार, केरल के पूर्व मंत्री के.के. शैलजा, के. एन. बालगोपाल और पी. राजीव प्रदर्शनकारियों से बातचीत करेंगे, जबकि समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज रविवार को सभा को संबोधित करेंगे। कॉजपा ने बताया कि दिन के कार्यक्रम का समापन 'बेरोज़गारी का अर्थशास्त्र' विषय पर अर्थशास्त्री जयति घोष के सार्वजनिक व्याख्यान के साथ होगा। यह व्याख्यान रोजगार के संकट और युवाओं पर इसके असर पर ध्यान केंद्रित होगा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) लिबरेशन से जुड़े 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (आइसा) के सदस्यों -नेहा, मनीष, दीपक कुमार वर्मा और आमीन- ने विरोध स्थल पर एक अलग मंच पर अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखी।

'आधुनिक गांधी' या कोई नायक
वांगचुक ने शनिवार को लोगों से दूसरों में नायक न खोजने की अपील की थी और कहा था कि वह 'सिर्फ़ एक आम नागरिक' हैं, न कि 'आधुनिक गांधी' या कोई नायक। उन्होंने 'एक्स' पर वीडियो डालकर कहा था, ''कृपया किसी और में नायक न ढूंढें। अपनी ज़िंदगी के नायक खुद बनें। एक नागरिक के तौर पर अपनी ज़िम्मेदारियां निभाएं।'' उन्होंने लोगों से 20 जुलाई को संसद तक प्रस्तावित मार्च में शामिल होने की अपील भी की।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रही है COJPA
उन्होंने कहा कि नागरिकों को एकजुट होकर सांसदों से परीक्षा में कथित गड़बड़ियों से जुड़े मुद्दों पर गौर करने के लिए कहना चाहिए। कॉकरोच जनता पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के कारण आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के परिवारों के लिए एक-एक करोड़ रुपये के मुआवज़े की मांग कर रही है। कॉजपा ने मानसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की घोषणा की है।

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