Edited By Rohini Oberoi,Updated: 18 Jul, 2026 07:20 AM

कानपुर में टैटू बनवाने का शौक एक महिला के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया। दिल्ली के एक टैटू पार्लर में टैटू बनवाने के कुछ समय बाद महिला गंभीर रूप से बीमार हो गई। जब वह इलाज के लिए कानपुर के मेडिकल कॉलेज पहुंची तो डॉक्टरों द्वारा कराई गई जांच में उसके...
Tattoo HIV Case : कानपुर में टैटू बनवाने का शौक एक महिला के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया। दिल्ली के एक टैटू पार्लर में टैटू बनवाने के कुछ समय बाद महिला गंभीर रूप से बीमार हो गई। जब वह इलाज के लिए कानपुर के मेडिकल कॉलेज पहुंची तो डॉक्टरों द्वारा कराई गई जांच में उसके HIV पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई। डॉक्टरों के अनुसार टैटू बनाते समय इस्तेमाल की गई संक्रमित या बिना स्टरलाइज की गई सुई (डल) इस जानलेवा संक्रमण की मुख्य वजह हो सकती है। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने युवाओं से टैटू बनवाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
बता दें कि यह मामला करीब एक सप्ताह पहले सामने आया है। महिला को अपने प्राइवेट पार्ट में गंभीर संक्रमण (जेनिटल इंफेक्शन) की शिकायत थी। स्थानीय स्तर पर आराम न मिलने के बाद वह मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में आई। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों को अंदेशा हुआ और उन्होंने तुरंत महिला की HIV और हेपेटाइटिस-बी (Hepatitis-B) की जांच कराई। जब रिपोर्ट आई तो डॉक्टर भी हैरान रह गए महिला एचआईवी संक्रमित पाई गई।
महिला को तुरंत सरकारी अस्पताल के एआरटी (ART - एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी) सेंटर से जोड़ दिया गया है जहां उसका मुफ्त इलाज शुरू हो चुका है। वहीं डॉक्टरों का कहना है कि हालांकि एचआईवी का कोई परमानेंट इलाज नहीं है लेकिन सही समय पर दवाओं (ART) के सेवन से मरीज एक सामान्य और लंबा जीवन जी सकता है। मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार टैटू पार्लरों में केवल सुई का ही खतरा नहीं है बल्कि इस्तेमाल होने वाले रंगों से भी शरीर को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
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टैटू में इस्तेमाल होने वाली रंगीन स्याही कई लोगों में खतरनाक स्किन एलर्जी पैदा कर रही है। डॉक्टरों के मुताबिक खासकर लाल और हरे रंग की स्याही से त्वचा में 'ग्रेन्युलोमेटस रिएक्शन' और 'फॉरेन बॉडी रिएक्शन' जैसी बीमारियां हो रही हैं। इसमें चमड़ी पर लाल रंग के मोटे चकत्ते उभर आते हैं जिनमें असहनीय खुजली और दर्द होता है।

टैटू बनवाने के शौकीन लोग इन बातों का रखें खास ख्याल
डॉक्टरों ने युवाओं और फैशन के शौकीनों के लिए एक बेहद जरूरी गाइडलाइन जारी की है ताकि किसी और के साथ ऐसा हादसा न हो। हमेशा किसी अच्छे, भरोसेमंद और प्रमाणित (Certified) टैटू स्टूडियो में ही जाएं जहां साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाता हो। जब भी टैटू बनवाएं, टैटू आर्टिस्ट से कहें कि वह आपके सामने ही सील-पैक पैकेट से नई सुई निकाले। पुरानी या इस्तेमाल की हुई सुई को हाथ भी न लगाने दें। सुनिश्चित करें कि टैटू बनाने वाली मशीन और अन्य औजार पूरी तरह स्टरलाइज (संक्रमण मुक्त) किए गए हों। टैटू में इस्तेमाल होने वाले रंगों की क्वालिटी और ब्रांड के बारे में आर्टिस्ट से जरूर पूछें।