IND vs ZIM: साउथ अफ्रीका से हार के बाद टीम इंडिया में बड़ा बदलाव? Sunil Gavaskar ने इस दिग्गज को बाहर करने की दी सलाह

Edited By Updated: 24 Feb, 2026 09:15 AM

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T20 World Cup 2026 के super-8 में दक्षिण अफ्रीका के हाथों मिली 76 रनों की शर्मनाक शिकस्त ने भारतीय क्रिकेट गलियारों में खलबली मचा दी है। इस करारी हार के बाद अब सवाल उठ रहे हैं टीम के तालमेल और खिलाड़ियों के चयन पर। जिम्बाब्वे के साथ होने वाले अगले...

Sports Desk: T20 World Cup 2026 के Super-8 में दक्षिण अफ्रीका के हाथों मिली 76 रनों की शर्मनाक शिकस्त ने भारतीय क्रिकेट गलियारों में खलबली मचा दी है। इस करारी हार के बाद अब सवाल उठ रहे हैं टीम के तालमेल और खिलाड़ियों के चयन पर। जिम्बाब्वे के साथ होने वाले अगले करो या मरो के मुकाबले से पहले दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने चयनकर्ताओं और कप्तान को एक ऐसी सलाह दी है, जो टीम की प्लेइंग इलेवन का हुलिया बदल सकती है।

अक्षर पटेल की वापसी का शोर
गावस्कर का मानना है कि पिछले मैच में ऑलराउंडर अक्षर पटेल को बेंच पर बैठाना टीम को भारी पड़ा। उनकी जगह शामिल किए गए वॉशिंगटन सुंदर न तो बल्ले से कमाल दिखा पाए और न ही गेंद से कोई जादू कर सके। गावस्कर ने सुझाव दिया कि जिम्बाब्वे की टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की कमी को देखते हुए अक्षर की फिरकी और उनकी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर जरूरत पड़े, तो फॉर्म में चल रहे तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को आराम देकर अक्षर को मैदान में उतारा जाना चाहिए, हालांकि अर्शदीप की हालिया लय को देखते हुए यह फैसला लेना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा।

रणनीति थी या गलतफहमी?
दूसरी तरफ, टीम मैनेजमेंट अपनी सफाई देने में जुटा है। सहायक कोच Ryan Ten Doeschate और बैटिंग कोच Sitanshu Kotak का कहना है कि अक्षर को बाहर रखने का फैसला उनकी काबिलियत पर शक नहीं, बल्कि मैच की परिस्थितियों और 'मैच-अप' के आधार पर लिया गया एक रणनीतिक बदलाव था। कोचिंग स्टाफ के मुताबिक, मध्य ओवरों में बल्लेबाजी को गहराई देने के लिए एक अतिरिक्त बल्लेबाज की जरूरत महसूस की गई थी। उनका तर्क है कि बड़े टूर्नामेंट्स में हालात के हिसाब से कड़े फैसले लेने पड़ते हैं, भले ही वे बाद में सही साबित न हों।

जिम्बाब्वे के खिलाफ mission clean sweep
अब गेंद कप्तान और कोच के पाले में है। क्या वे पुराने घावों को भरने के लिए गावस्कर के सुझाव पर अमल करेंगे या फिर उसी टीम संयोजन पर भरोसा जताएंगे जिसने पिछले मैच में घुटने टेक दिए थे? Super-8 की रेस में बने रहने के लिए भारत को न सिर्फ जीतना होगा, बल्कि एक बड़ी जीत दर्ज करनी होगी। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब टॉस के वक्त होने वाले उस ऐलान पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि Team India अपनी गलतियों से सीख रही है या नहीं।

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