Edited By Tanuja,Updated: 23 Feb, 2026 03:12 PM

नीदरलैंड में रॉब जेटन के नेतृत्व में नई गठबंधन सरकार ने शपथ ली। देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में जेटन ने राजनीतिक सहमति, यूरोपीय संघ में मजबूत भूमिका और यूक्रेन को समर्थन जारी रखने का संकल्प लिया। नई कैबिनेट में विदेश, रक्षा और वित्त...
International Desk: नीदरलैंड में नई गठबंधन सरकार ने आधिकारिक रूप से शपथ ग्रहण कर ली है। देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में Rob Jetten ने पदभार संभाला। यह नई सरकार कई दलों के गठबंधन से बनी है और राजनीतिक स्थिरता तथा सहमति की नई शुरुआत का संकेत देती है। पिछले कुछ वर्षों में डच संसद में गुटबाजी और राजनीतिक खींचतान देखने को मिली थी, जिससे निर्णय प्रक्रिया प्रभावित हुई थी।प्रधानमंत्री जेटन ने संकेत दिया है कि उनकी प्राथमिकता संसद में सहयोग और सहमति का माहौल बनाना होगा। वे देश के भीतर राजनीतिक संतुलन स्थापित करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नीदरलैंड की मजबूत भूमिका बहाल करना चाहते हैं।
नई सरकार का लक्ष्य यूरोपीय संघ में नीदरलैंड की प्रभावशाली भूमिका को फिर से स्थापित करना है। जेटन ने कहा है कि वे यूरोपीय सहयोग को मजबूत करने के लिए अपने समकक्ष नेताओं से जल्द बातचीत करेंगे।सरकार ने स्पष्ट किया है कि रूस के खिलाफ युद्ध लड़ रहे यूक्रेन को डच समर्थन जारी रहेगा। यह समर्थन राजनीतिक, आर्थिक और रक्षा सहयोग के रूप में बना रहेगा। नई कैबिनेट में विभिन्न गठबंधन दलों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। विदेश नीति, रक्षा और वित्त जैसे अहम मंत्रालयों में अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का संतुलित तरीके से सामना किया जा सके।
कौन हैं रॉब जेटन?
रॉब जेटन डेमोक्रेट्स 66 (D66) पार्टी से जुड़े हैं और पहले जलवायु व ऊर्जा मंत्री रह चुके हैं। यूरोपीय सहयोग, हरित नीतियों और सहमति की राजनीति उनके प्रमुख एजेंडा हैं। वे यूक्रेन समर्थन और मजबूत EU भूमिका के पक्षधर हैं। Rob Jetten नीदरलैंड के एक प्रमुख उदारवादी नेता हैं, जिन्होंने कम उम्र में ही राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी पहचान बनाई। रॉब जेटन का जन्म 1987 में हुआ। उन्होंने सार्वजनिक प्रशासन (Public Administration) की पढ़ाई की और छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे। रॉब जेटन के नेतृत्व में गठित यह सरकार डच राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव का प्रतीक मानी जा रही है। युवा नेतृत्व, यूरोपीय सहयोग पर जोर और वैश्विक मुद्दों पर सक्रिय रुख इन सबके जरिए नीदरलैंड आने वाले वर्षों में अपनी अंतरराष्ट्रीय स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेगा।