Share Market Rally: इन कारणों से झूमा शेयर बाजार, आई तूफानी तेजी, सेंसेक्स-निफ्टी ने लगाई छलांग

Edited By Updated: 23 Feb, 2026 03:32 PM

due to these reasons the stock market swayed there was stormy rise

सोमवार, 23 फरवरी को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 600 अंकों से ज्यादा उछल गया, जबकि निफ्टी 25,750 के पार पहुंच गया। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप टैरिफ को गैरकानूनी करार दिए जाने के बाद निवेशकों का...

बिजनेस डेस्कः सोमवार, 23 फरवरी को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 600 अंकों से ज्यादा उछल गया, जबकि निफ्टी 25,750 के पार पहुंच गया। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप टैरिफ को गैरकानूनी करार दिए जाने के बाद निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 479.95 अंक यानी 0.58% की बढ़त के साथ 83,294.66 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 141.75 अंक यानी 0.55% चढ़कर 25,713 पर बंद हुआ। 

शेयर बाजार की तेजी के पीछे कई अहम कारण....

 

1. अमेरिकी फैसले से ग्लोबल राहत

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए इंपोर्ट टैरिफ को रद्द कर दिया। इस फैसले से ग्लोबल ट्रेड को राहत की उम्मीद जगी। हालांकि बाद में टैरिफ को 15% तक बढ़ाने की बात कही गई, लेकिन बाजार ने इसे एक्सपोर्ट सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत के रूप में लिया। टेक्सटाइल और निर्यात आधारित कंपनियों के शेयरों में 2.5% से 8% तक की तेजी दर्ज की गई।

2. हैवीवेट शेयरों का सहारा

इंडेक्स में भारी वजन रखने वाले शेयरों में भी मजबूत खरीदारी रही। बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। कई प्रमुख बैंकिंग और ऊर्जा शेयर 1% से 3% तक चढ़े, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी को मजबूती मिली। हालांकि आईटी सेक्टर में हल्की कमजोरी देखने को मिली।

3. मिडकैप और स्मॉलकैप में जोश

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी रही। निफ्टी 200 इंडेक्स के कई शेयर 2% से 3% तक चढ़े। कुछ कंपनियों के फंड जुटाने की योजनाओं और बेहतर आउटलुक ने निवेशकों का उत्साह बढ़ाया।

4. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता आगे बढ़ने से सप्लाई को लेकर चिंता कम हुई। ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई क्रूड में करीब 1% की गिरावट देखी गई, जो भारत जैसे आयातक देश के लिए सकारात्मक संकेत है।

5. ग्लोबल बाजारों से सपोर्ट

एशियाई बाजारों में भी मजबूती का रुख रहा। कोरिया का कॉस्पी इंडेक्स 1.5% ऊपर रहा। इससे पहले अमेरिकी बाजारों में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई थी, जिससे घरेलू निवेशकों का सेंटीमेंट मजबूत हुआ।

कुल मिलाकर, ग्लोबल राहत, कच्चे तेल की गिरती कीमतें और हैवीवेट शेयरों में खरीदारी ने बाजार को मजबूती दी। आगे निवेशकों की नजर अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और आर्थिक आंकड़ों पर बनी रहेगी।
 

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