Edited By Pardeep,Updated: 22 Jul, 2026 12:45 AM

हरियाणा में स्टिल्ट +4 आवासीय भवनों के निर्माण को लेकर राज्य सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के बाद, सरकार ने पूरे राज्य में स्टिल्ट +4 भवनों के सभी नए अनुमोदनों (approvals) पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी...
नेशनल डेस्कः हरियाणा में स्टिल्ट +4 आवासीय भवनों के निर्माण को लेकर राज्य सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के बाद, सरकार ने पूरे राज्य में स्टिल्ट +4 भवनों के सभी नए अनुमोदनों (approvals) पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के निदेशक ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं, जिसके तहत अब अगले आदेश तक प्रदेश में ऐसे भवनों के लिए कोई नई मंजूरी नहीं दी जाएगी।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी बंद
विभाग के आदेशानुसार, अब हरियाणा के किसी भी आवासीय प्लॉट पर स्टिल्ट +4 भवन के लिए नई अनुमति नहीं मिलेगी। इसके साथ ही, ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान स्वीकृति प्रणाली और आवेदन प्रक्रिया को भी फिलहाल बंद कर दिया गया है,। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सेल्फ सर्टिफिकेशन और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाएं अभी अंतिम चरण में नहीं हैं, जिसके कारण यह कदम उठाया गया है।
गुरुग्राम ही नहीं, अब पूरे हरियाणा में लागू होगी रोक
गौरतलब है कि इससे पहले अदालत ने स्टिल्ट +4 भवनों पर रोक को केवल गुरुग्राम तक सीमित रखा था, लेकिन अब नए निर्देशों के बाद यह रोक पूरे हरियाणा में लागू कर दी गई है। यह पूरा मामला 'सुनील सिंह बनाम हरियाणा सरकार' याचिका से जुड़ा है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता निवेदिता शर्मा पैरवी कर रही हैं।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP), शहरी स्थानीय निकाय विभाग और HSIIDC सहित सभी वरिष्ठ टाउन प्लानर्स को आधिकारिक पत्र भेजकर इन आदेशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। विभाग ने पोर्टल पर नए आवेदन स्वीकार करने की प्रक्रिया को तुरंत बंद करने और इस श्रेणी से जुड़ी सभी प्रशासनिक कार्रवाइयों को स्थगित रखने को कहा है। फिलहाल हाईकोर्ट के अगले आदेश तक पूरे प्रदेश में स्टिल्ट +4 भवनों की नई मंजूरियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।