वाह! पुजारी क्रिकेटर बन गए – कोल्हापुर में मंदिर प्रीमियर लीग शुरू, अंबाबाई-साईं बाबा-पंढरपुर टीमें मैदान में!"

Edited By Updated: 12 Feb, 2026 09:37 PM

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महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक अलग ही तरह का क्रिकेट आयोजन होने जा रहा है, जिसका नाम है मंदिर प्रीमियर लीग (Mandir Premier League)। इस टूर्नामेंट में राज्य के प्रमुख मंदिरों के पुजारी, ट्रस्ट के अधिकारी और कर्मचारी क्रिकेट मैदान पर उतरकर अपनी खेल...

नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक अलग ही तरह का क्रिकेट आयोजन होने जा रहा है, जिसका नाम है मंदिर प्रीमियर लीग (Mandir Premier League)। इस टूर्नामेंट में राज्य के प्रमुख मंदिरों के पुजारी, ट्रस्ट के अधिकारी और कर्मचारी क्रिकेट मैदान पर उतरकर अपनी खेल प्रतिभा दिखाएंगे। टेनिस बॉल से खेले जाने वाला यह मुकाबला 14 से 16 फरवरी 2026 तक शास्त्रीनगर मैदान में आयोजित होगा। खास बात यह है कि इसकी शुरुआत वैलेंटाइन डे पर होगी और तीन दिनों तक धार्मिक और खेल भावना का संगम देखने को मिलेगा।

पहली बार उतरेगी पंढरपुर की टीम

इस लीग की एक बड़ी खासियत यह है कि पहली बार श्री विठ्ठल रुक्मिणी मंदिर समिति, पंढरपुर की टीम इसमें भाग ले रही है। बताया जा रहा है कि सह-अध्यक्ष गहिनीनाथ महाराज औसेकर पारंपरिक धोती-नेहरी पहनकर मैदान में उतर सकते हैं, जिससे यह आयोजन और भी आकर्षक बन जाएगा।

जमकर चल रही प्रैक्टिस

पुजारियों और मंदिर कर्मचारियों में टूर्नामेंट को लेकर खासा उत्साह है। वे नियमित अभ्यास कर रहे हैं—कोई बल्लेबाजी पर ध्यान दे रहा है तो कोई गेंदबाजी और फील्डिंग में पसीना बहा रहा है। आयोजकों का कहना है कि यह प्रतियोगिता सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि विभिन्न मंदिरों के बीच एकता और सौहार्द बढ़ाने का माध्यम भी है।

ये मंदिर लेंगे हिस्सा

इस लीग में महाराष्ट्र के कई प्रसिद्ध और ऐतिहासिक मंदिरों की टीमें भाग लेंगी, जिनमें शामिल हैं:

  • अंबाबाई (महालक्ष्मी) मंदिर, कोल्हापुर
  • शिरडी साईं बाबा मंदिर
  • तुलजापुर भवानी मंदिर
  • पंढरपुर विठ्ठल रुक्मिणी मंदिर
  • माहुरगढ़
  • नरसिंह वाडी
  • कोल्हापुर ज्योतिबा मंदिर सहित अन्य प्रमुख तीर्थस्थल

धार्मिक परंपरा और खेल का संगम

मंदिरों से जुड़े पुजारी और कर्मचारी, जो आमतौर पर धार्मिक अनुष्ठानों में व्यस्त रहते हैं, अब क्रिकेट के मैदान पर चौके-छक्के लगाने की तैयारी में हैं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भी इस आयोजन को लेकर उत्साह है। उम्मीद की जा रही है कि मुकाबलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक मैदान पहुंचेंगे।

संस्कृति और क्रिकेट का अनोखा मेल

मंदिर प्रीमियर लीग महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान को खेल के साथ जोड़ने का एक अनूठा प्रयास है। यह आयोजन दिखाता है कि परंपरा और आधुनिक खेल भावना साथ-साथ चल सकती हैं। अब देखने वाली बात होगी कि मैदान पर कौन सी टीम ट्रॉफी उठाती है और कौन सा पुजारी बनता है इस लीग का स्टार खिलाड़ी।
 

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