Edited By Pardeep,Updated: 13 Feb, 2026 01:45 AM

इंडोनेशिया में 4.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार यह भूकंप 12 फरवरी 2026 को शाम 6:44:18 बजे (भारतीय समयानुसार) आया। भूकंप का केंद्र 4.07 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 96.15 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था।...
इंटरनेशनल डेस्कः इंडोनेशिया में 4.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार यह भूकंप 12 फरवरी 2026 को शाम 6:44:18 बजे (भारतीय समयानुसार) आया। भूकंप का केंद्र 4.07 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 96.15 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। इसकी गहराई जमीन से 115 किलोमीटर नीचे बताई गई है। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की खबर सामने नहीं आई है।
प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से बेहद संवेदनशील है इंडोनेशिया
इंडोनेशिया दुनिया के उन देशों में शामिल है जो कई तरह की प्राकृतिक आपदाओं के खतरे से घिरे रहते हैं। यहां भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखी विस्फोट, चक्रवात, बाढ़, भूस्खलन और सूखे जैसी आपदाएं अक्सर आती रहती हैं।
यह देश “प्रशांत अग्नि वलय” (Pacific Ring of Fire) पर स्थित है। साथ ही यहां तीन प्रमुख टेक्टोनिक प्लेट प्रशांत (Pacific), यूरेशियन (Eurasian) और ऑस्ट्रेलियन (Australian) आपस में मिलती हैं। इन प्लेटों की हलचल के कारण यहां लगातार भूकंपीय और ज्वालामुखीय गतिविधियां होती रहती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण चरम मौसम घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं का खतरा और बढ़ सकता है।
मेगाथ्रस्ट भूकंप का भी रहता है खतरा
इंडोनेशिया में मेगाथ्रस्ट भूकंप का भी बड़ा खतरा बना रहता है। ये दुनिया के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में गिने जाते हैं और इनके कारण विनाशकारी सुनामी आ सकती है। 2004 में हिंद महासागर में आया 9.0 तीव्रता का भूकंप, जो आचे प्रांत के पास सुंडा मेगाथ्रस्ट क्षेत्र में आया था, इसका बड़ा उदाहरण है। इस भूकंप से आई सुनामी ने एक दर्जन से ज्यादा देशों को प्रभावित किया था। इस आपदा में 2 लाख 30 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई थी, जिनमें से 1 लाख 67 हजार से ज्यादा लोग केवल इंडोनेशिया में मारे गए थे।