संसद में महिलाओं के बाथरूम में कंडोम, पुरुषों में क्यों नहीं? महिला सांसद ने उठाया सवाल तो...

Edited By Updated: 13 Feb, 2026 12:01 AM

why are there condoms in women s bathrooms in parliament but not in men s

ऑस्ट्रेलिया की संसद में 9 फरवरी को हुई सीनेट एस्टिमेट्स समिति की बैठक के दौरान एक अलग ही मुद्दा चर्चा में आ गया। बैठक में संसद भवन के जिम में कंडोम उपलब्ध कराने को लेकर सवाल उठाया गया। एक महिला सांसद ने दावा किया कि संसद भवन में केवल महिलाओं के...

इंटरनेशल डेस्कः ऑस्ट्रेलिया की संसद में 9 फरवरी को हुई सीनेट एस्टिमेट्स समिति की बैठक के दौरान एक अलग ही मुद्दा चर्चा में आ गया। बैठक में संसद भवन के जिम में कंडोम उपलब्ध कराने को लेकर सवाल उठाया गया। एक महिला सांसद ने दावा किया कि संसद भवन में केवल महिलाओं के बाथरूम और चेंजिंग रूम में कंडोम रखे गए हैं, जबकि पुरुषों के बाथरूम में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।

उन्होंने इसे भेदभाव करार देते हुए सवाल उठाया कि क्या सेक्शुअल हेल्थ की जिम्मेदारी केवल महिलाओं की है? उनके इस बयान के बाद सदन में मौजूद कई नेता असहज नजर आए और कुछ जवाब देते समय उलझते हुए दिखाई दिए।

जेन ह्यूम ने उठाया मुद्दा

लिबरल पार्टी की सीनेटर जेन ह्यूम ने यह मुद्दा सीनेट एस्टिमेट्स समिति की बैठक में उठाया। उन्होंने बताया कि संसद भवन के जिम में महिलाओं के चेंजिंग रूम में कंडोम उपलब्ध हैं, लेकिन पुरुषों के चेंजिंग रूम में ऐसा कोई इंतजाम नहीं है। ह्यूम ने कहा कि यह व्यवस्था ऐसा संकेत देती है जैसे यौन स्वास्थ्य (सेक्शुअल हेल्थ) की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं पर डाल दी गई हो, जबकि पुरुषों की भी इसमें बराबर की भूमिका और जिम्मेदारी है। उन्होंने पूछा कि अगर कंडोम उपलब्ध कराए जा रहे हैं, तो यह सुविधा दोनों के लिए समान रूप से क्यों नहीं है?

किस संदर्भ में उठा मुद्दा?

दरअसल, सीनेटर जेम्स मैकग्राथ संसद भवन के जिम में स्टाफ की संख्या और उनके कार्य समय में कटौती को लेकर सवाल उठा रहे थे। जानकारी के मुताबिक, अब जिम रात 8 बजे तक खुला नहीं रहेगा। प्रशासन का कहना है कि उपलब्ध डेटा के अनुसार ज्यादातर लोग सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे के बीच ही जिम का उपयोग करते हैं, इसलिए समय में बदलाव किया गया है। इसी चर्चा के दौरान जेन ह्यूम ने अचानक कंडोम वितरण का मुद्दा उठा दिया, जिससे बैठक का माहौल बदल गया।

अधिकारियों का जवाब

ह्यूम के सवाल पर विभागीय सचिव निकोला हिंडर ने माना कि इस व्यवस्था में असमानता है और उन्हें इस बारे में पहले से जानकारी नहीं थी। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि “यह अच्छी बात है कि महिलाएं अपनी सेक्शुअल हेल्थ का ख्याल रख रही हैं।” इस पर जेन ह्यूम ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मैं सिर्फ यह सोच रही हूं कि पुरुष अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं उठा रहे हैं?”

अन्य मुद्दों पर भी हुई बहस

बैठक में संसद भवन के 11 सुइट्स के नवीनीकरण पर हो रहे 1.5 करोड़ डॉलर (करीब 125 करोड़ रुपये) के खर्च को लेकर भी सवाल उठाए गए। सीनेटर मैकग्राथ ने इस बड़े खर्च पर कड़ा रुख अपनाते हुए पारदर्शिता की मांग की।

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