Edited By Parveen Kumar,Updated: 01 Oct, 2026 05:45 PM

केंद्र सरकार ने मौजूदा पावर ग्रिड को मजबूत करने और ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए 1.86 लाख करोड़ रुपये (19.42 अरब डॉलर) के रिन्यूएबल एनर्जी कार्यक्रम को मंजूरी दी है। सूचना मंत्री ने बुधवार को कैबिनेट के इस फैसले की जानकारी दी।
नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने मौजूदा पावर ग्रिड को मजबूत करने और ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए 1.86 लाख करोड़ रुपये (19.42 अरब डॉलर) के रिन्यूएबल एनर्जी कार्यक्रम को मंजूरी दी है। सूचना मंत्री ने बुधवार को कैबिनेट के इस फैसले की जानकारी दी।
सरकार के मुताबिक इस कार्यक्रम के तहत 1.36 लाख करोड़ रुपये राज्यों के भीतर ट्रांसमिशन सिस्टम को मजबूत करने पर खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य 135 गीगावाट (GW) तक की स्वच्छ ऊर्जा को ग्रिड के जरिए आगे पहुंचाने की क्षमता विकसित करना है।
यह मंजूरी ऐसे समय में दी गई है, जब भारत में रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता लगातार बढ़ रही है और इसके साथ ही बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क को भी विस्तार देने की जरूरत बढ़ रही है।
सरकार ने 50 गीगावाट-घंटे (GWh) की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम क्षमता विकसित करने के लिए 50,000 करोड़ रुपये की इंसेंटिव योजना को भी मंजूरी दी है। सरकार का मानना है कि दिन के समय पैदा होने वाली स्वच्छ ऊर्जा को बाद में इस्तेमाल करने के लिए पर्याप्त स्टोरेज क्षमता विकसित करना जरूरी है।
भारत ने 2030 तक अपनी गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन क्षमता को मौजूदा करीब 304 GW से बढ़ाकर 500 GW करने का लक्ष्य रखा है। नई योजनाओं को इसी लक्ष्य की दिशा में ट्रांसमिशन और स्टोरेज ढांचे को मजबूत करने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है।