प्रधानमंत्री का नीतिगत स्थिरता का सिद्धांत बजट का आधार, विकसित भारत पर जोर: निर्मला सीतारमण

Edited By Updated: 08 Feb, 2026 03:12 PM

the prime minister s principle of policy stability is the basis of the budget

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि नीतियों में बार-बार बदलाव से बचने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जोर ने आम बजट 2026-27 को आकार दिया है। यह बजट नीतिगत स्थिरता पर आधारित है और इसके केंद्र में 'विकसित भारत' के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को रखा गया...

नेशनल डेस्क: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि नीतियों में बार-बार बदलाव से बचने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जोर ने आम बजट 2026-27 को आकार दिया है। यह बजट नीतिगत स्थिरता पर आधारित है और इसके केंद्र में 'विकसित भारत' के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को रखा गया है। एक नए पांच वर्षीय वित्तीय चक्र और 21वीं सदी की दूसरी तिहाई के पहले बजट के रूप में तैयार यह दस्तावेज राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए पूंजीगत व्यय, बुनियादी ढांचे के विस्तार और संरचनात्मक सुधारों को प्राथमिकता देता है।

सीतारमण ने पीटीआई-भाषा को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ''लोग स्थिरता चाहते हैं, और इसीलिए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को तीसरी बार चुना है। उस वोट में स्थिरता निहित है, और यह बात पिछले बजटों के माध्यम से नीतियों के क्रियान्वयन के तरीके में भी दिखाई देती है।'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की लगातार तीसरी चुनावी जीत राजनीतिक और नीतिगत स्थिरता का स्पष्ट सार्वजनिक समर्थन है, जिसे सरकार भारत की दीर्घकालिक विकास रणनीति के लिए महत्वपूर्ण मानती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने दिशा में अचानक बदलाव से बचने की जरूरत पर लगातार जोर दिया है। उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री हमेशा नीतियों में बार-बार बदलाव से बचने की बात करते हैं। एक बार जब नीतिगत दिशा की घोषणा हो जाती है, तो सरकार उसके क्रियान्वयन में स्थिर रहती है।'' सीतारमण ने कहा कि बजट को केवल एक साल की वित्तीय कवायद के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि इसे एक लंबी योजना के हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ''हम 2047 और उसके बाद 2050 तक भी देख रहे हैं। ध्यान स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक एक विकसित भारत के निर्माण पर है और अगले 25 वर्षों में भारत को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करना है।'' वित्त मंत्री के अनुसार यह दीर्घकालिक नजरिया आने वाले दशकों में निरंतर विकास, संस्थागत मजबूती और आर्थिक लचीलेपन पर जोर देने के साथ सभी क्षेत्रों में नीति-निर्माण का मार्गदर्शन करेगा। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सार्वजनिक व्यय के बारे में सीतारमण ने कहा कि पूंजीगत व्यय इस सरकार की सफलता की कहानियों में से एक है।

उन्होंने बताया कि विभिन्न सरकारी विभागों के लिए बजटीय प्रावधानों ने कोविड महामारी के बाद बुनियादी ढांचे के विकास में उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं। उन्होंने आगे कहा कि 50 वर्षीय ब्याज मुक्त ऋण का उपयोग करने में राज्यों की भूमिका भी उतनी ही प्रभावशाली रही है, और कई राज्यों ने अपनी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को पूरा कर अधिक धन का उपयोग करने की अपनी क्षमता साबित की है। 

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