Edited By Mehak,Updated: 30 Jan, 2026 01:56 PM

भारत में बजट पेश करने की परंपरा ब्रिटिश शासन के समय शुरू हुई थी। देश का पहला बजट 7 अप्रैल 1860 को ब्रिटिश सरकार के वित्त मंत्री जेम्स विल्सन ने प्रस्तुत किया था। आज़ादी के बाद 26 नवंबर 1947 को भारत का पहला आम बजट तत्कालीन वित्त मंत्री आर. के. शनमुखम...
नेशनल डेस्क : आम बजट रविवार, 1 फरवरी को संसद में पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार लगातार नौवीं बार देश का बजट प्रस्तुत करेंगी। एक ही प्रधानमंत्री के कार्यकाल में नौ बार बजट पेश करने का यह अनोखा रिकॉर्ड सिर्फ उनके नाम दर्ज है। वह वर्ष 2019 से भारत की महिला वित्त मंत्री हैं और अब तक एक अंतरिम बजट सहित आठ बजट पेश कर चुकी हैं।
भारत में बजट की शुरुआत कब हुई
भारत में बजट पेश करने की शुरुआत ब्रिटिश शासन के समय शुरू हुई थी। देश का पहला बजट 7 अप्रैल 1860 को ब्रिटिश सरकार में वित्त मंत्री जेम्स विल्सन ने पेश किया था। आज़ादी के बाद भारत का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को देश के पहले वित्त मंत्री आर. के. शनमुखम चेट्टी ने संसद में पेश किया था।
सबसे ज्यादा बजट पेश करने का रिकॉर्ड
देश में सबसे अधिक बजट पेश करने का रिकॉर्ड पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम है। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू और लाल बहादुर शास्त्री के प्रधानमंत्रित्व काल में वित्त मंत्री रहते हुए कुल 10 बजट पेश किए थे। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पी. वी. नरसिम्हा राव सरकार के दौरान वित्त मंत्री के रूप में 1991 से 1995 के बीच लगातार पांच बजट पेश किए।
पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने अपने कार्यकाल में कुल नौ बार आम बजट प्रस्तुत किया। उन्होंने 1996 में संयुक्त मोर्चा सरकार के दौरान दो बजट पेश किए, जबकि 2004 से 2008 के बीच पांच बजट और इसके बाद 2013 और 2014 में भी बजट प्रस्तुत किया। इसके अलावा, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने वित्त मंत्री रहते हुए कुल आठ बजट पेश किए थे। उन्होंने 1980 के दशक में तीन और फिर 2009 से 2012 के बीच लगातार पांच बजट संसद में रखे थे।