Edited By Radhika,Updated: 02 May, 2026 02:13 PM

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक संवर्धित विस्फोटक उपकरण (आईईडी) में हुए विस्फोट के कारण जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के तीन जवान घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। राज्य को 31 मार्च को सशस्त्र माओवादियों से मुक्त घोषित किए जाने...
नेशनल डेस्क: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक संवर्धित विस्फोटक उपकरण (आईईडी) में हुए विस्फोट के कारण जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के तीन जवान घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। राज्य को 31 मार्च को सशस्त्र माओवादियों से मुक्त घोषित किए जाने के बाद नक्सल गतिविधियों से जुड़ी विस्फोट की यह पहली घटना है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिले के छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में कांकेर-नारायणपुर जिले की सीमा के पास सुरक्षाबलों को बारूदी सुरंग को निष्क्रिय करने और गश्त के लिए भेजा गया था। उन्होंने बताया कि बारूदी सुरंग को निष्क्रिय करने के अभियान के दौरान हुए विस्फोट में डीआरजी के तीन जवान घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद घायल जवानों को अस्पताल भेजा गया।
अधिकारियों ने कहा कि मामले में और जानकारी जुटाई जा रही है। छत्तीसगढ़ में 31 मार्च को नक्सलवाद की समाप्ति की घोषणा के बाद यह पहली बार है, जब बारूदी सुरंग विस्फोट में जवान घायल हुए हैं। राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, खासकर बस्तर क्षेत्र के जंगलों में नक्सलियों ने पूर्व में बड़ी संख्या में बारूदी सुरंगें बिछाई थीं, जो अब भी वहां तैनात सुरक्षाबलों और ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षाबल के जवान क्षेत्र में लगातार बारूदी सुरंगों की तलाश और उन्हें निष्क्रिय करने की कार्रवाई में जुटे हुए हैं।