Edited By Rohini Oberoi,Updated: 14 Mar, 2026 03:52 PM

मध्य कोलकाता में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली से ठीक आधे घंटे पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों के बीच झड़प हुई जिसमें एक पुलिस अधिकारी और भाजपा के एक नेता घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। झड़प...
नेशनल डेस्क। मध्य कोलकाता में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली से ठीक आधे घंटे पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों के बीच झड़प हुई जिसमें एक पुलिस अधिकारी और भाजपा के एक नेता घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। झड़प के बीच यह आरोप भी सामने आया कि गिरीश पार्क इलाके में पश्चिम बंगाल की मंत्री शशि पांजा के आवास पर पथराव किया गया।
यह झड़प रैली स्थल से लगभग पांच किलोमीटर दूर उस समय हुई जब भाजपा समर्थक प्रधानमंत्री की रैली में शामिल होने के लिए ब्रिगेड परेड मैदान की ओर जा रहे थे। ये रैली विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की राज्यव्यापी 'परिवर्तन यात्रा' के समापन का प्रतीक है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों पक्षों के समर्थकों ने कथित तौर पर एक-दूसरे पर पत्थर फेंके और नारे लगाए जिससे इलाके में तनाव पैदा हो गया। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि रैली स्थल की ओर जाते समय उनके समर्थकों पर बिना किसी उकसावे के हमला किया गया।
भाजपा के एक कार्यकर्ता ने स्थानीय समाचार चैनल को बताया, बिना किसी उकसावे के हम पर पत्थर फेंके गए। हमें गालियां भी दी गईं। भाजपा ने दावा किया कि झड़प के दौरान कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और इस घटना में पार्टी नेता तमघनो घोष घायल हो गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास में बोबाजार पुलिस थाना प्रभारी बप्पादित्य नस्कर भी घायल हो गए।
टीएमसी कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि ब्रिगेड परेड मैदान में रैली की ओर बढ़ते हुए भाजपा समर्थकों ने मंत्री के घर पर हमला किया। हालांकि भाजपा ने इस आरोप को खारिज कर दिया और दावा किया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उनके समर्थकों पर उस समय पत्थर फेंके जब वे उस इलाके से गुजर रहे थे।
कुछ भाजपा नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि स्थिति बिगड़ने पर पुलिस शुरू में निष्क्रिय रही। बाद में बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और झड़प करने वाले समूहों को तितर-बितर करके स्थिति को नियंत्रण में किया।