Edited By Radhika,Updated: 18 Apr, 2026 09:38 AM

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा है कि लोकसभा में परिसीमन विधेयक के पारित नहीं होने संबंधी घटनाक्रम से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ''बेचैनी'' सबके सामने आ गई है। बनर्जी ने शुक्रवार को यह भी कहा कि केंद्र में राष्ट्रीय...
नेशनल डेस्क: तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा है कि लोकसभा में परिसीमन विधेयक के पारित नहीं होने संबंधी घटनाक्रम से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ''बेचैनी'' सबके सामने आ गई है। बनर्जी ने शुक्रवार को यह भी कहा कि केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार को महिलाओं के आरक्षण को लागू करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 से चुनावों से लागू करने और लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया।
बनर्जी ने 'एक्स' पर लिखा, ''लोकसभा में परिसीमन विधेयक के पारित नहीं होने से जो स्थिति बनी है, उससे भाजपा की बेचैनी सबके सामने उजागर हो रही है।'' बनर्जी ने लोकसभा में हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि निष्पक्षता को लेकर चिंताओं के कारण विपक्षी 'इंडिया' (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) ने इस विधेयक को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, ''लोकसभा की सीट की संख्या बढ़ाकर 850 करने और 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन आगे बढ़ाने के प्रयास ने निष्पक्षता और संतुलन को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दीं।'' सांसद ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा, ''राजग सरकार का समय अब उधार पर चल रहा है और नियंत्रण का भ्रम सबके सामने टूटने लगा है।''
सदन में 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026', पर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। विधेयक पर मत विभाजन में 528 सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस विधेयक को पारित करने के लिए 352 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता थी। महिला आरक्षण के मुद्दे पर बनर्जी ने कहा कि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाला कानून सितंबर 2023 में सर्वसम्मति से पारित हो चुका है और 16 अप्रैल, 2026 से लागू है। उन्होंने कहा, ''अगर राजग सरकार गंभीर है तो उसे तत्काल एक-तिहाई सीटों को अधिसूचित करने के लिए विधेयक लाना चाहिए। इसे अभी कीजिए।''