Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 30 Mar, 2026 10:59 PM

देश के कई हिस्सों में हो रही रुक-रुक कर बारिश ने जहां शहरों में गर्मी से राहत दी है, वहीं ग्रामीण इलाकों में यह किसानों के लिए बड़ी चिंता बन गई है।
नेशनल डेस्क: देश के कई हिस्सों में हो रही रुक-रुक कर बारिश ने जहां शहरों में गर्मी से राहत दी है, वहीं ग्रामीण इलाकों में यह किसानों के लिए बड़ी चिंता बन गई है। खासकर महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। उत्तर प्रदेश और बिहार में भी किसान इस अचानक बदले मौसम से जूझ रहे हैं, जिससे रबी फसलों पर खतरा मंडरा रहा है।
IMD का अलर्ट: कई जिलों में तेज आंधी और ओलों की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र के कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। धुले, पुणे, नाशिक, सातारा, अहिल्यानगर, कोल्हापुर और जलगांव में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी आशंका है, जिससे फसलों को और नुकसान हो सकता है।
मराठवाड़ा-विदर्भ में येलो और ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्रों के कई जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ऑरेंज अलर्ट वाले इलाकों में भारी ओले गिरने और तेज तूफानी हवाओं का खतरा ज्यादा बताया गया है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
गर्मी से राहत, लेकिन किसानों की मुश्किल बढ़ी
मार्च के दौरान राज्य के कई हिस्सों में तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। अब बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है, जिससे आम लोगों को राहत मिली है। हालांकि, यही बारिश किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। मौसम विभाग के अनुसार 31 मार्च से अगले कुछ दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है।
अचानक बदला मौसम, ओलों से हुआ नुकसान
धुले जिले में मंगलवार शाम अचानक तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे स्थानीय स्तर पर काफी नुकसान दर्ज किया गया। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में भी हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहाना हो गया।
रबी फसल पर संकट, किसानों की बढ़ी चिंता
किसान संगठनों के अनुसार, इस असामयिक बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, चना और अन्य रबी फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि कटाई से ठीक पहले आई इस बारिश ने उनकी मेहनत पर असर डाला है और आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
क्यों चिंता बढ़ा रहा यह मौसम?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का अस्थिर मौसम खेती के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। जहां एक तरफ गर्मी से राहत मिल रही है, वहीं दूसरी ओर खेती पर इसका नकारात्मक असर दिख रहा है, जो आने वाले समय में खाद्य उत्पादन को भी प्रभावित कर सकता है।