Edited By Parveen Kumar,Updated: 27 Jan, 2026 12:44 AM

मध्य प्रदेश के सतना जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का एक गंभीर मामला सामने आया है। सरदार वल्लभ भाई पटेल जिला अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें 108 एंबुलेंस का दरवाजा न खुलने की वजह से एक मरीज की जान चली गई।
नेशनल डेस्क : मध्य प्रदेश के सतना जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का एक गंभीर मामला सामने आया है। सरदार वल्लभ भाई पटेल जिला अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें 108 एंबुलेंस का दरवाजा न खुलने की वजह से एक मरीज की जान चली गई।
जानकारी के मुताबिक, रामनगर निवासी 67 वर्षीय राम प्रसाद रविवार सुबह अपने घर के बाहर आग तापते समय अचानक बेहोश हो गए। परिजन उन्हें तुरंत रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए 108 एंबुलेंस से सतना जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
एंबुलेंस मरीज को लेकर जिला अस्पताल तक तो पहुंच गई, लेकिन वहां पहुंचते ही बड़ा हादसा हो गया। एंबुलेंस का पिछला दरवाजा अचानक जाम हो गया और खुल ही नहीं पाया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एंबुलेंस के टेक्नीशियन और अन्य लोग काफी देर तक दरवाजा खोलने की कोशिश करते रहे। लोग लात-घूंसे मारते रहे और औजारों से गेट तोड़ने की कोशिश की गई। ड्राइवर को खिड़की के रास्ते अंदर घुसने की कोशिश करते हुए भी देखा गया।
इस दौरान मरीज राम प्रसाद एंबुलेंस के अंदर ही जिंदगी और मौत से जूझते रहे। काफी मशक्कत के बाद जब दरवाजा खुला और मरीज को बाहर निकाला गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने स्ट्रेचर पर लाते ही राम प्रसाद को मृत घोषित कर दिया।
मामले पर सतना स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीज की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में हो गई थी। वहीं, मृतक के परिजनों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि अगर एंबुलेंस की हालत ठीक होती और दरवाजा समय पर खुल जाता, तो शायद राम प्रसाद की जान बच सकती थी।
गौरतलब है कि सतना जिले में पिछले कुछ महीनों से स्वास्थ्य सेवाओं की खराब हालत को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। खस्ताहाल एंबुलेंस, खराब मेंटेनेंस और लापरवाही अब आम लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। यह घटना एक बार फिर बताती है कि सिस्टम की छोटी सी लापरवाही भी किसी परिवार के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।