Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 07 Mar, 2026 05:54 PM

भारत में Indian Administrative Service को सबसे प्रतिष्ठित और जिम्मेदार सरकारी सेवाओं में गिना जाता है। हर साल लाखों उम्मीदवार Union Public Service Commission द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से IAS बनने का सपना देखते हैं।
नेशनल डेस्क: भारत में Indian Administrative Service को सबसे प्रतिष्ठित और जिम्मेदार सरकारी सेवाओं में गिना जाता है। हर साल लाखों उम्मीदवार Union Public Service Commission द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से IAS बनने का सपना देखते हैं। लेकिन परीक्षा पास करने के बाद असली प्रशासनिक यात्रा शुरू होती है। ट्रेनिंग, पहली पोस्टिंग और फिर लगातार प्रमोशन के जरिए एक अधिकारी धीरे-धीरे प्रशासन के सबसे ऊंचे पदों तक पहुंच सकता है। आइए समझते हैं कि IAS बनने के बाद पूरा करियर किस तरह आगे बढ़ता है।
मसूरी में होती है कड़ी ट्रेनिंग
सिविल सेवा परीक्षा में चयन के बाद उम्मीदवारों को प्रशिक्षण के लिए उत्तराखंड के मसूरी स्थित Lal Bahadur Shastri National Academy of Administration भेजा जाता है।यहां करीब दो साल तक विभिन्न चरणों में ट्रेनिंग दी जाती है। इस दौरान अधिकारियों को प्रशासन से जुड़े कई अहम विषयों की पढ़ाई कराई जाती है, जैसे:
- लोक प्रशासन और नीति निर्माण
- कानून और शासन प्रणाली
- सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन
- आपदा प्रबंधन
- जनसंपर्क और नेतृत्व कौशल
- नैतिक प्रशासन
ट्रेनिंग में फाउंडेशन कोर्स, प्रोफेशनल ट्रेनिंग और फील्ड ट्रेनिंग शामिल होती है, जिससे अधिकारियों को जमीनी स्तर पर काम करने का अनुभव मिलता है।
पहली पोस्टिंग: SDM से शुरू होता है प्रशासनिक करियर
ट्रेनिंग पूरी करने के बाद नए IAS अधिकारियों को आमतौर पर सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM), असिस्टेंट कलेक्टर या जॉइंट मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात किया जाता है। यह पद किसी जिले के एक उपखंड का प्रशासन संभालता है। यहां अधिकारी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हैं, जैसे:
- कानून-व्यवस्था बनाए रखना
- राजस्व संग्रह और भूमि मामलों का निपटारा
- सरकारी योजनाओं की निगरानी
- जनता की शिकायतों का समाधान
- विकास कार्यों की देखरेख
यह दौर किसी भी IAS अधिकारी के लिए ग्राउंड लेवल पर प्रशासन सीखने का सबसे अहम चरण माना जाता है।
IAS में प्रमोशन कैसे मिलता है
IAS अधिकारियों का प्रमोशन मुख्य रूप से सेवा अवधि, प्रदर्शन रिपोर्ट और उपलब्ध पदों के आधार पर होता है। प्रमोशन से जुड़े नियम Department of Personnel and Training द्वारा तय किए जाते हैं। अधिकारियों की Annual Performance Appraisal Report (APAR) भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
IAS करियर की सामान्य प्रमोशन टाइमलाइन
सातवें वेतन आयोग के आधार पर IAS अधिकारियों का करियर कुछ इस तरह आगे बढ़ता है:
0 से 4 वर्ष
- जूनियर टाइम स्केल
- पद: SDM / असिस्टेंट सेक्रेटरी
- बेसिक पे: ₹56,100 (लेवल 10)
4 से 9 वर्ष
- सीनियर टाइम स्केल
- पद: एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (ADM) / डिप्टी सेक्रेटरी
- बेसिक पे: ₹67,700 (लेवल 11)
9 से 12 वर्ष
- जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड
- पद: जिला मजिस्ट्रेट (DM) / कलेक्टर
- बेसिक पे: ₹78,800 (लेवल 12)
13 से 16 वर्ष
- सेलेक्शन ग्रेड
- पद: जॉइंट सेक्रेटरी (केंद्र) / स्पेशल सेक्रेटरी (राज्य)
- बेसिक पे: ₹1,44,200
16 से 25 वर्ष
- सुपर टाइम स्केल
- पद: एडिशनल सेक्रेटरी / प्रिंसिपल सेक्रेटरी
- बेसिक पे: ₹1,82,200
25 से 30 वर्ष
- हायर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड
- पद: सेक्रेटरी (केंद्र या राज्य)
34 से 36 वर्ष
- चीफ सेक्रेटरी (राज्य का सर्वोच्च प्रशासनिक पद)
- बेसिक पे: ₹2,25,000
37 वर्ष या उससे अधिक
- कैबिनेट सेक्रेटरी – देश का सबसे ऊंचा प्रशासनिक पद
- बेसिक पे: ₹2,50,000
प्रमोशन में ट्रेनिंग और प्रदर्शन भी अहम
IAS अधिकारियों को करियर के दौरान मिड-कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम (MCTP) से भी गुजरना पड़ता है। अगर किसी अधिकारी का प्रदर्शन उत्कृष्ट होता है, तो उन्हें महत्वपूर्ण पद और जिम्मेदारियां जल्दी मिल सकती हैं। वहीं सामान्य प्रदर्शन पर प्रमोशन समयबद्ध तरीके से मिलता है।
केवल नौकरी नहीं, देश सेवा का अवसर
IAS का सफर केवल पद और वेतन तक सीमित नहीं होता। यह देश के प्रशासन को दिशा देने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर भी देता है। इसी वजह से हर साल लाखों युवा इस परीक्षा में सफलता पाने का सपना देखते हैं और इसे भारत की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं में गिना जाता है।