भारत का एक और दुश्मन ढेर: पाकिस्तान में लश्कर कमांडर कारी की संदिग्ध मौत, मस्जिद में नमाज से पहले अचानक गिरा और...

Edited By Updated: 08 Aug, 2026 04:00 PM

lashkar e taiba commander qari saeed died in pakistan

लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कारी सईद उर्फ अब्दुल अजीज की इस्लामाबाद में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक वह मस्जिद में नमाज के लिए पहुंचा था और अचानक गिर पड़ा। उसे CPR दिया गया और अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर...

Islamabad: भारत के खिलाफ आतंकी साजिशों में लंबे समय से सक्रिय एक और चेहरे का पाकिस्तान में अंत हो गया है। लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर और हाफिज सईद का करीबी कारी सईद उर्फ अब्दुल अजीज अब जिंदा नहीं है। इस्लामाबाद की एक मस्जिद में नमाज से पहले अचानक गिरे कारी सईद को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन अस्पताल में उसकी मौत हो गई। उसकी मौत की वजह अभी साफ नहीं है, लेकिन भारत के खिलाफ आतंकी नेटवर्क में उसकी कथित भूमिका को देखते हुए यह खबर सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।   

 

रिपोर्ट के मुताबिक, कारी सईद अपने साथ एक बैग लेकर मस्जिद पहुंचा था। वहां उसने अपना बैग एक साथी को दिया और नमाज से पहले वुजू किया। वुजू करने के बाद जब वह मस्जिद के मुख्य हॉल की ओर जाने लगा और चप्पल उतारने के लिए बैठा, तभी अचानक जमीन पर गिर गया।  पास मौजूद लोगों ने उसे उठाया और उसकी हालत बिगड़ने पर CPR देने की कोशिश की। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत की पुष्टि की गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना का CCTV फुटेज सामने आया है। फुटेज में कारी सईद को मस्जिद में प्रवेश करते और फिर अचानक गिरते हुए देखा गया। हालांकि, उसकी मौत की सटीक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। उपलब्ध रिपोर्ट में किसी हमले, गोलीबारी या विस्फोट की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए उसकी मौत को किसी साजिश या हत्या का परिणाम बताना फिलहाल जल्दबाजी होगी। 

 

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि कारी सईद करीब 1990 से हाफिज सईद के साथ जुड़ा हुआ था और लश्कर-ए-तैयबा में उसका करीबी कमांडर माना जाता था। बताया गया है कि वह 2017 तक संगठन की सक्रिय आतंकी गतिविधियों से जुड़ा रहा और उसका एक प्रमुख काम कथित तौर पर आतंकियों की भर्ती करना था। बाद में उसे संगठन के प्रशासनिक कामों में लगाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, बाद में कारी सईद को लश्कर के शोबा-ए-वारसा-ए-शोहदा विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी। उस पर दक्षिण पंजाब के मुल्तान, बहावलपुर और डेरा गाजी खान से जुड़े उन आतंकियों के परिवारों तक कथित तौर पर आर्थिक सहायता पहुंचाने की जिम्मेदारी थी, जो भारत में मारे गए थे। इसके अलावा इन इलाकों से जुड़े आतंकियों का रिकॉर्ड तैयार करने का काम भी उसके जिम्मे होने का दावा किया गया है। 

 

कारी सईद की मौत ऐसे समय सामने आई है जब पाकिस्तान में प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े कई लोगों की मौतों और हमलों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। लेकिन इस मामले में फिलहाल यह कहना संभव नहीं है कि कारी सईद की मौत किसी हमले का परिणाम थी। उपलब्ध जानकारी केवल इतना बताती है कि वह मस्जिद में अचानक गिरा, उसे CPR दिया गया और बाद में अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। इस घटना का सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कारी सईद की अचानक मौत किस वजह से हुई। क्या उसे अचानक कोई मेडिकल समस्या हुई या इसके पीछे कोई और कारण था।

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