Edited By Tanuja,Updated: 09 Aug, 2026 07:59 PM

तुर्किये के बाद पाकिस्तान ने भी मक्का संयुक्त रक्षा समझौते को लेकर सफाई दी है। उपप्रधानमंत्री इस्हाक डार ने कहा कि समझौता पूरी तरह रक्षात्मक है और किसी देश के खिलाफ लक्षित नहीं है। तीनों देशों में से किसी एक पर बाहरी हमला होने पर इसे तीनों पर हमला...
Islamabad: सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते को लेकर लगातार सफाई सामने आ रही है। पहले तुर्किये ने कहा कि यह समझौता ईरान या किसी अन्य देश के खिलाफ नहीं है और अब पाकिस्तान ने भी इसे ‘पूरी तरह रक्षात्मक’ बताते हुए कहा है कि इसका निशाना कोई देश नहीं है। सवाल यह है कि आखिर इस रक्षा समझौते को लेकर बार-बार सफाई देने की जरूरत क्यों पड़ रही है?पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इस्हाक डार ने रविवार को कहा कि पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुआ रक्षा समझौता ''पूरी तरह रक्षात्मक'' प्रकृति का है तथा यह ''किसी देश के खिलाफ लक्षित'' नहीं है।
डार ने यह भी कहा कि यह समझौता क्षेत्र के उन सभी देशों के लिए खुला है, जो इसके मूल सिद्धांतों को मानने के लिए तैयार हैं। मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर शुक्रवार को मक्का स्थित अल-सफा पैलेस में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सऊदी अरब के युवराज एवं प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान और तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोआन ने हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत तीनों में से किसी एक देश पर सशस्त्र हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। डार ने रविवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट में रक्षा समझौते के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डार पाकिस्तान के विदेश मंत्री भी हैं।
उन्होंने कहा कि यह समझौता ''तीनों देशों के नेतृत्व और लोगों के बीच भाईचारे के संबंधों की गहराई'' को दर्शाता है। डार ने कहा कि यह समझौता वर्षों से जारी बातचीत और समन्वय का परिणाम है तथा इसका उद्देश्य ''विभिन्न शांति एवं सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में रणनीतिक सहयोग को मजबूत करना तथा क्षेत्रीय शांति, स्थिरता व समृद्धि को बढ़ावा देना'' है। विदेश मंत्री ने कहा कि यह समझौता तीनों देशों के बीच या अन्य देशों अथवा संगठनों के साथ किए गए किसी मौजूदा द्विपक्षीय या बहुपक्षीय समझौते को रद्द नहीं करता या उसका स्थान नहीं लेता है।
डार ने कहा, ''मक्का समझौता पूरी तरह रक्षात्मक प्रकृति का है। यह किसी देश के खिलाफ लक्षित नहीं है और इसका एकमात्र उद्देश्य व्यापक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए हमारे जारी प्रयासों को मजबूत करना है।'' उन्होंने कहा कि तीनों देशों में से किसी एक पर बाहरी सशस्त्र हमला होने की स्थिति में इसे तीनों पर हमला माना जाएगा। यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत व्यक्तिगत और सामूहिक आत्मरक्षा के अंतर्निहित अधिकार के अनुरूप है। उन्होंने कहा, ''मक्का समझौता क्षेत्र के उन सभी देशों के लिए खुला है, जो इसके मूल सिद्धांतों को मानने और आपसी सम्मान, सहयोग तथा शांतिपूर्ण तरीकों के जरिए मतभेदों को सुलझाने के लिए तैयार हैं।''