Edited By Radhika,Updated: 10 Apr, 2026 12:24 PM

सोशल मीडिया की दुनिया में प्राइवेसी को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। Meta के स्वामित्व वाले मैसेजिंग ऐप WhatsApp पर एक क्लास-एक्शन मुकदमे में गंभीर आरोप लगे हैं। इस कानूनी चुनौती के बाद टेक दिग्गज एलन मस्क ने भी इस पर अपनी तीखी...
नेशनल डेस्क: सोशल मीडिया की दुनिया में प्राइवेसी को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। Meta के स्वामित्व वाले मैसेजिंग ऐप WhatsApp पर एक क्लास-एक्शन मुकदमे में गंभीर आरोप लगे हैं। इस कानूनी चुनौती के बाद टेक दिग्गज एलन मस्क ने भी इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है।
क्या है पूरा विवाद?
व्हाट्सएप पर आरोप लगा है कि वह अपने 'एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन' के वादे को तोड़ रहा है। मुकदमे में दावा किया गया है कि मेटा अपने कर्मचारियों, एक्सेंचर जैसे कॉन्ट्रैक्टर्स और अन्य बाहरी पार्टियों को यूजर्स के निजी मैसेज पढ़ने और स्टोर करने की गुप्त अनुमति देता है। यह दावा व्हाट्सएप के उस दावे को सीधे चुनौती देता है जिसमें कहा जाता है कि मैसेज केवल भेजने वाले और पाने वाले ही पढ़ सकते हैं।

मस्क ने की तीखी टिप्पणी
इस खबर के सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' के मालिक एलन मस्क ने व्हाट्सएप पर अविश्वास जताते हुए लिखा— Can’t trust WhatsApp। मस्क पहले भी कई बार मेटा की प्राइवेसी नीतियों की आलोचना कर चुके हैं।
मेटा ने कहा आरोप बेबुनियाद
दूसरी ओर, व्हाट्सएप ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी के प्रवक्ता ने इन्हें पूरी तरह से गलत और हास्यास्पद बताते हुए कहा कि सिग्नल प्रोटोकॉल पर आधारित उनका एन्क्रिप्शन पूरी तरह सुरक्षित है। कंपनी या कोई भी तीसरी पार्टी मैसेज को इंटरसेप्ट नहीं कर सकती।