Edited By jyoti choudhary,Updated: 29 May, 2026 03:33 PM

शुक्रवार सुबह की सकारात्मक शुरुआत के बाद दोपहर तक लाल निशान पर आ गया। मुनाफावसूली के चलते सेंसेक्स अपनी पूरी बढ़त खोकर 75,410.86 के निचले स्तर तक गिर गया, जो पिछली क्लोजिंग से 457 अंक कम था। निफ्टी भी फिसलकर 23,739.70 के स्तर पर आ गया।
बिजनेस डेस्कः शुक्रवार सुबह की सकारात्मक शुरुआत के बाद दोपहर तक लाल निशान पर आ गया। मुनाफावसूली के चलते सेंसेक्स अपनी पूरी बढ़त खोकर 75,410.86 के निचले स्तर तक गिर गया, जो पिछली क्लोजिंग से 457 अंक कम था। निफ्टी भी फिसलकर 23,739.70 के स्तर पर आ गया। कारोबार के अंत में मार्केट में अचानक बड़ी गिरावट आई, सेंसेक्स 1,092.06 अंक लुढ़क कर 74,775.74 के स्तर पर बंद हुआ, निफ्टी में भी 359.40 अंक की गिरावट रही, ये 23,547.75 के स्तर पर बंद हुआ।
गिरावट के मुख्य कारण...
भू-राजनीतिक अनिश्चितता
अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के संघर्ष विराम (Ceasefire) को लेकर संशय गहरा गया। जहां पहले डील फाइनल होने की उम्मीद थी, वहीं ईरानी मीडिया ने किसी भी अंतिम समझौते से इनकार कर दिया, जिससे 'होर्मुज स्ट्रेट' के बंद रहने और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने का डर फिर से पैदा हो गया।
मानसून का कमजोर पूर्वानुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मानसून के पूर्वानुमान को 92% से घटाकर 90% कर दिया, जिससे सामान्य से कम बारिश होने का अंदेशा बढ़ गया है।
प्रॉफिट बुकिंग
बाजार में सेलिंग के पीछे एक कारण प्रॉफिट बुकिंग को भी माना जा रहा है। मार्केट में 2 दिन बाद अच्छी तेजी देख निवेशक ऊंचे स्तरों पर बिकवाली करने लगे। इससे बाजार में दबाव बना।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। अकेले 27 मई को उन्होंने 1,042.70 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।