योगी सरकार ने पूर्व खिलाड़ियों को दिया सम्मान, मिल रही मासिक आर्थिक सहायता

Edited By Updated: 10 Jul, 2026 11:55 PM

yogi government honors former players

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले भूतपूर्व खिलाड़ियों के सम्मान और उनकी आर्थिक सुरक्षा के लिए भी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। इसी क्रम में खेल...

नेशनल डेस्क : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले भूतपूर्व खिलाड़ियों के सम्मान और उनकी आर्थिक सुरक्षा के लिए भी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। इसी क्रम में खेल विभाग की भूतपूर्व खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता योजना पूर्व खिलाड़ियों के लिए बड़ा संबल बनकर उभरी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 223 पूर्व खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।

इस योजना का लाभ अर्जुन, द्रोणाचार्य, ध्यानचंद और खेल रत्न पुरस्कार विजेताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय खिलाड़ियों को भी मिल रहा है। इस तरह सरकार की इस पहल से न केवल खिलाड़ियों को आर्थिक सहयोग मिल रहा है, बल्कि उनके योगदान को सम्मान भी प्राप्त हो रहा है। खेल जगत इसे खिलाड़ियों के प्रति योगी सरकार की प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण उदाहरण मान रहा है।

52 अर्जुन पुरस्कार विजेताओं को 20 हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता मिली

प्रदेश सरकार द्वारा अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार, ध्यानचंद पुरस्कार और खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ियों तथा खेल क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के आधार पर पद्मश्री एवं पद्मभूषण सम्मान प्राप्त खिलाड़ियों को 20 हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाती है। इन प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित खिलाड़ियों के लिए किसी प्रकार की आय सीमा निर्धारित नहीं की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत 52 अर्जुन पुरस्कार विजेताओं को प्रतिमाह 20-20 हजार रुपये की सहायता दी गई।

राज्य से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के पूर्व खिलाड़ियों को मिल रही सहायता

इसी प्रकार 9 द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेताओं, 5 ध्यानचंद पुरस्कार विजेताओं और 2 पद्मश्री सम्मानित खिलाड़ियों को भी प्रतिमाह 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। योजना का लाभ केवल राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों तक ही सीमित नहीं है। राज्य सरकार ने उन खिलाड़ियों को भी इस योजना में शामिल किया है जिन्होंने विभिन्न स्तरों पर उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। इसके तहत राज्य स्तर के 126 भूतपूर्व खिलाड़ियों को प्रतिमाह 4 हजार रुपये, राष्ट्रीय स्तर के 24 खिलाड़ियों को 6 हजार रुपये प्रतिमाह और अंतरराष्ट्रीय स्तर के 5 भूतपूर्व खिलाड़ियों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी गई।

हॉकी, तैराकी, फुटबाल समेत कुल 31 खेल शामिल

इन खिलाड़ियों के लिए कुछ पात्रता शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए उनकी मासिक आय 20 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही खिलाड़ी का उत्तर प्रदेश का निवासी होना अनिवार्य है। योजना के संचालन की प्रक्रिया भी पूरी तरह पारदर्शी बनाई गई है। खेल विभाग संबंधित जिलों के खेल अधिकारियों को आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराता है। जनपद स्तर के खेल अधिकारी लाभार्थी खिलाड़ियों के बैंक खातों में सीधे आर्थिक सहायता हस्तांतरित करते हैं। इसमें एथलेटिक्स, तीरंदाजी, नेटबाल, टेनिस, हॉकी, तैराकी, टेबल टेनिस, तलवारबाजी, जिम्नास्टिक, बैडमिंटन, ताइक्वांडो, वुशू, फुटबाल, हैंडबाल, क्रिकेट, बॉक्सिंग, कबड्डी, कुश्ती और शूटिंग समेत कुल 31 खेल शामिल हैं।

सरकार का प्रयास, हर पात्र पूर्व खिलाड़ी को योजना का लाभ मिले- निदेशक

यूपी के खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों के सम्मान, कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। विभाग पूरी पारदर्शिता के साथ इस योजना का संचालन कर रहा है और पात्र खिलाड़ियों के बैंक खातों में प्रतिमाह सीधे धनराशि हस्तांतरित की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक पात्र भूतपूर्व खिलाड़ी को इस योजना का लाभ समयबद्ध ढंग से मिले। यह योजना खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ प्रदेश में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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