दिल्ली में अतिथि शिक्षकों के प्रदर्शन में शामिल हुए सिद्धू

Edited By Updated: 05 Dec, 2021 04:48 PM

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नयी दिल्ली, पांच दिसंबर (भाषा) कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के यहां सिविल लाइंस स्थित आवास के बाहर नौकरी नियमित किए जाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे दिल्ली के...

नयी दिल्ली, पांच दिसंबर (भाषा) कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के यहां सिविल लाइंस स्थित आवास के बाहर नौकरी नियमित किए जाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे दिल्ली के अतिथि शिक्षकों के बीच पहुंचे।


पिछले महीने केजरीवाल पंजाब के मोहाली में संविदा शिक्षकों की ऐसी ही मांग को लेकर किए जा रहे प्रदर्शन में शामिल हुए थे।

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक ने पंजाब चुनाव के मद्देनजर शिक्षकों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लिए कई सौगातों की घोषणा की है। उन्होंने सत्ता में आने पर राज्य में संविदा शिक्षकों को नियमित करने और शिक्षा प्रणाली में सुधार करने का आश्वासन भी दिया है।


पंजाब में 2022 की शुरुआत में चुनाव होने हैं और आप इस सीमावर्ती राज्य में अपनी निर्णायक मौजूदगी दर्ज कराने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है।

केजरीवाल पर निशाना साधते हुए सिद्धू ने कहा कि दिल्ली सरकार शिक्षा के संविदा मॉडल को अपना रही है।


सिद्धू ने एक ट्वीट में आरोप लगाया, “दिल्ली का शिक्षा मॉडल संविदा मॉडल है…दिल्ली सरकार के 1031 स्कूल हैं, जबकि सिर्फ 196 स्कूलों में प्रधानाचार्य हैं…शिक्षकों के 45 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं और स्कूलों का संचालन 22,000 अतिथि शिक्षकों द्वारा दिहाड़ी के आधार पर किया जा रहा है, जिनका अनुबंध हर 15 दिन पर नवीकृत किया जाता है।”

कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख ने कहा कि दिल्ली में 2015 में शिक्षकों के 12,515 पद रिक्त थे, लेकिन 2021 में यह आंकड़ा बढ़कर 19,907 हो गया।

उन्होंने कहा कि आप सरकार अतिथि शिक्षक रखकर खाली पदों को भर रही है।

एक अन्य ट्वीट में सिद्धू ने कहा, “आप ने संविदा शिक्षकों को स्थायी कर्मचारियों के समान वेतन देने का वादा किया था, लेकिन अतिथि शिक्षकों के होने से स्थिति और खराब हो गई। स्कूल प्रबंधन समितियों के माध्यम से, तथाकथित आप स्वयंसेवक सरकारी फंड से सालाना पांच लाख रुपये कमाते हैं, जो पहले स्कूल के विकास के लिए था।”

यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

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