Edited By Tanuja,Updated: 22 Mar, 2026 12:56 PM

रूस का तेल लेकर चीन जा रहा टैंकर ‘एक्वा टाइटन’ भारत के मंगलुरु बंदरगाह पहुंच गया। यह ऐसे सात टैंकरों में पहला है, जो अब भारत की ओर मोड़े गए हैं। होर्मुज संकट के बीच भारत ने ऊर्जा सुरक्षा के लिए रूसी तेल की खरीद बढ़ा दी है।
International Desk: वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत को बड़ी राहत मिली है। रूस का कच्चा तेल लेकर चीन जा रहा टैंकर Aqua Titan अब भारत पहुंच गया है। यह टैंकर शनिवार शाम न्यू मंगलुरु पोर्ट पर पहुंचा। यह सात टैंकरों की उस खेप का पहला जहाज है, जिन्हें मूल रूप से चीन भेजा जा रहा था, लेकिन अब उन्हें भारत की ओर मोड़ दिया गया है। यह फैसला तब हुआ जब अमेरिका ने भारत को 30 दिनों के लिए रूसी तेल खरीदने की अस्थायी छूट दी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह टैंकर जनवरी के अंत में बाल्टिक सागर के एक बंदरगाह से रवाना हुआ था और चीन के रिझाओ बंदरगाह की ओर जा रहा था। लेकिन मार्च के मध्य में इसने अचानक अपना रास्ता बदल लिया। दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य में चल रहे तनाव और बंद होने की आशंका के कारण भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं। भारत के लगभग 40-50% कच्चे तेल का आयात इसी मार्ग से होता है, इसलिए यहां की स्थिति बेहद अहम है।एक और टैंकर Zouzou N 25 मार्च तक गुजरात के सिक्का पोर्ट पहुंच सकता है।

यह भी पहले चीन की ओर जा रहा था, लेकिन रास्ता बदल दिया गया। शिप-ट्रैकिंग कंपनी Vortexa के अनुसार, भारत ने हाल के दिनों में रूसी तेल की खरीद तेजी से बढ़ाई है, जिससे इन टैंकरों का रुख बदला गया। इन सात टैंकरों के भारत पहुंचने से देश में कच्चे तेल की कमी को कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, अमेरिका से एलपीजी लेकर आने वाला जहाज Pyxis Pioneer भी मंगलुरु पोर्ट पहुंच चुका है, जिससे रसोई गैस संकट में राहत मिलने की उम्मीद है। इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित करने के लिए तेजी से रणनीति बदल रहा है।