पाकिस्तान की भारत को गीदड़भभकी, कहा- मुंबई और दिल्ली पर बम गिराना चाहिए

Edited By Updated: 21 Mar, 2026 08:55 PM

pakistan ki india said mumbai and delhi should be bombed

मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान के एक पूर्व वरिष्ठ राजनयिक के बयान ने नई बहस छेड़ दी है। पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने एक काल्पनिक परिदृश्य का जिक्र करते हुए भारत को लेकर विवादित टिप्पणी की, जिस पर राजनीतिक और रणनीतिक हलकों...

नेशनल डेस्क : मध्य-पूर्व में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित का एक बयान सुर्खियों में आ गया है। एक चर्चा के दौरान उन्होंने काल्पनिक स्थिति का हवाला देते हुए भारत के खिलाफ कड़ी टिप्पणी की, जिससे कूटनीतिक हलकों में चिंता बढ़ गई है।

काल्पनिक परिदृश्य में आपत्तिजनक टिप्पणी

अब्दुल बासित ने कहा कि यदि अमेरिका पाकिस्तान पर हमला करता है, तो जवाबी रणनीति के तहत भारत को निशाना बनाया जाना चाहिए। उन्होंने मुंबई और दिल्ली जैसे बड़े शहरों का जिक्र करते हुए विवादित बयान दिया, जिसे विशेषज्ञों ने बेहद गैर-जिम्मेदाराना बताया है।

भारत में रह चुके हैं उच्चायुक्त

बासित भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त के रूप में करीब तीन साल तक तैनात रहे हैं। उन्होंने 1982 में पाकिस्तान की विदेश सेवा जॉइन की थी और अपने करियर में जर्मनी सहित कई देशों में अहम कूटनीतिक जिम्मेदारियां निभाईं। 2014 में उन्हें भारत भेजा गया था, जहां उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया।

बयान की टाइमिंग पर उठे सवाल

विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर पहले से ही तनाव बना हुआ है। ऐसे में इस तरह की टिप्पणी हालात को और संवेदनशील बना सकती है।

पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव भी चरम पर

इधर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भी हालात बेहद तनावपूर्ण बताए जा रहे हैं। अफगानिस्तान के कई इलाकों- काबुल, कंधार और पक्तिका- में हवाई हमलों के आरोप लगे हैं। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने दावा किया है कि इन हमलों में एक नशा मुक्ति केंद्र को भी निशाना बनाया गया, जिससे बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की बात कही जा रही है। अफगान अधिकारियों का आरोप है कि हमलों में रिहायशी इलाकों को भारी नुकसान पहुंचा है और महिलाओं व बच्चों समेत कई निर्दोष लोगों की जान गई है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता

तालिबान प्रशासन ने इन घटनाओं को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि एक तरफ सीमा पर तनाव बढ़ रहा है, दूसरी ओर इस तरह के बयान क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए और अधिक चुनौती पैदा कर सकते हैं।

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