पंजाब विधानसभा चुनाव में ‘आप’ के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे भगवंत मान

Edited By Updated: 19 Jan, 2022 08:47 AM

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चंडीगढ़, 18 जनवरी (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को घोषणा की कि पंजाब विधानसभा चुनाव में भगवंत मान पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे।

चंडीगढ़, 18 जनवरी (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को घोषणा की कि पंजाब विधानसभा चुनाव में भगवंत मान पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे।

मान ने लोगों को आश्वासन दिया कि आप के सत्ता में आने पर वह जनता के कल्याण के लिए काम करेंगे और राज्य को फिर से अपने पैरों पर खड़ा करेंगे।

पंजाब की 117 सदस्यीय विधानसभा के लिए 20 फरवरी को मतदान होना है और मतगणना 10 मार्च को की जाएगी।

पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ‘मिस्ड कॉल’ के जरिये चलाए गए ‘जनता चुनेगी अपना सीएम’ अभियान के परिणाम की घोषणा की। पार्टी नेताओं ने बताया कि विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री पद का चेहरा चुनने के वास्ते चलाए गए इस अभियान के तहत पार्टी को 21.59 लाख प्रतिक्रियाएं मिलीं।

केजरीवाल ने मोहाली में पत्रकारों से कहा कि पार्टी को ‘‘जनता चुनेगी अपना सीएम’’ अभियान के जवाब में 21,59,437 मत मिले। उन्होंने कहा, ‘‘ इन प्रतिक्रियाओं में मेरे नाम सहित कई लोगों के नाम आए। मैंने पहले ही कहा था कि मैं दौड़ में नहीं हूं। हम उन वोट (जिनमें केजरीवाल का नाम है) को अमान्य घोषित कर रहे हैं। शेष बचे अन्य मतों में से 93.3 प्रतिशत लोगों ने सरदार भगवंत मान का नाम दिया था। वहीं, दूसरे नंबर पर (कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख) नवजोत सिंह सिद्धू का नाम 3.6 प्रतिशत लोगों ने दिया।’’ केजरीवाल ने कहा, ‘‘ भगवंत मान को औपचारिक रूप से ‘आप’ का मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया जाता है।’’’ मान इस घोषणा के बाद भावुक हो गए। उनकी मां और बहन भी इस कार्यक्रम में मौजूद थीं। इस मौके पर आप नेता राघव चड्ढा और हरपाल सिंह चीमा भी मौजूद थे। मान (48), संगरूर से दो बार के लोकसभा सांसद और पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख हैं।

अक्टूबर 1973 में सतोज में जन्मे, व्यंग्यकार और हास्य कलाकार मान की राजनीतिक यात्रा तब शुरू हुई जब वह 2011 में मनप्रीत सिंह बादल के नेतृत्व वाली पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब में शामिल हुए। बादल ने शिरोमणि अकाली दल से अलग होने के बाद पार्टी बनाई थी। बाद में उन्होंने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया।

मान ने 2012 के पंजाब विधानसभा चुनाव में संगरूर की लहरागागा सीट से कांग्रेस की वरिष्ठ नेता राजिंदर कौर भट्टल के खिलाफ चुनाव लड़ा और हार गए थे। वह 2014 में आप में शामिल हो गए और संगरूर लोकसभा सीट से अकाली नेता सुखदेव सिंह ढींडसा के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे। उन्होंने ढींडसा को दो लाख से अधिक मतों के रिकॉर्ड अंतर से हराया। 2014 में, आप ने पंजाब में चार लोकसभा सीटें जीती थीं।

पत्रकारों और पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मान ने कहा कि वह लोगों के लिए काम करते रहेंगे और पंजाब को फिर से अपने पैरों पर खड़ा करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें ‘‘बहुत बड़ी जिम्मेदारी’’ दी है। लाखों लोगों ने मुझ पर भरोसा जताया है और यह मेरी दोहरी जिम्मेदारी बन गई है। मैं दोगुने उत्साह के साथ काम करूंगा।’’ मान ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम, दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला, प्रसिद्ध पंजाबी कवि सुरजीत पातर तथा प्रोफेसर मोहन सिंह को अपनी प्रेरणा बताते हुए राज्य की विभिन्न समस्याओं को दूर करने की दिशा में काम करने का संकल्प लिया।

उन्होंने कहा कि कलाम ने एक बार कहा था कि सपने वे नहीं होते जो तब दिखाई देते हैं जब लोग सो रहे होते हैं, बल्कि सपने वे होते हैं जो लोगों को सोने नहीं देते। उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब को फिर से पंजाब बनाने का सपना हमें सोने नहीं देता, बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने और उन्हें नशे से बचाने का सपना हमें सोने नहीं देता, खेती को लाभकारी पेशे में बदलने का सपना हमें सोने नहीं देता और व्यापार तथा उद्योग को रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए शांतिपूर्ण माहौल देने का सपना हमें सोने नहीं देता।’’ इससे पहले केजरीवाल ने कहा, ‘‘पंजाब के लिए यह ऐतिहासिक दिन है। हर पंजाबी यह जानने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है कि आप का मुख्यमंत्री पद का चेहरा कौन होगा। पिछले कुछ महीनों में मैं जहां भी गया, लोग पूछते थे कि ‘दूल्हा’ (मुख्यमंत्री पद का चेहरा) कौन है। मैं उनसे कहता था कि धैर्य रखिये और हम ऐसा चेहरा देंगे जिस पर पूरे राज्य को गर्व होगा।’’ मान की मां हरपाल कौर ने की बेटे की सफलता के लिए प्रार्थना की। मान की छोटी बहन मनप्रीत कौर ने कहा कि यह परिवार के लिए यादगार दिन है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूं कि पार्टी और पंजाब की जनता ने मेरे भाई को बहुत बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम एक साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं और हम लोगों की समस्याओं से वाकिफ हैं। पहले मेरे भाई हास्य अभिनेता होने पर इन मुद्दों को व्यंग्य के जरिए उठाते थे।’’ उन्होंने यह भी कहा कि मान से पहले, उनके परिवार में किसी ने पंचायत चुनाव भी नहीं लड़ा।

यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।
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