तीर्थ-पुरोहित अब नहीं करेंगे बाहरी श्रद्धालुओं का विरोध

Edited By Updated: 01 Aug, 2020 12:28 PM

pti uttrakhand story

उत्तरकाशी, 30 जुलाई (भाषा) चारधाम देवस्थानम बोर्ड की सख्ती के बाद गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों ने 15 अगस्त तक उत्तराखंड के बाहर के श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित किए जाने का अपना फैसला वापस ले लिया ।

उत्तरकाशी, 30 जुलाई (भाषा) चारधाम देवस्थानम बोर्ड की सख्ती के बाद गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों ने 15 अगस्त तक उत्तराखंड के बाहर के श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित किए जाने का अपना फैसला वापस ले लिया ।

अब गंगोत्री धाम परिसर के साथ ही गंगा घाट तक सभी श्रद्धालु बिना रोक-टोक के जा सकते हैं।

मंगलवार को तीर्थ पुरोहितों ने सर्वसम्मति से निर्णय किया था कि कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए 29 जुलाई से 15 अगस्त तक गंगोत्री धाम में किसी बाहरी श्रद्धालु को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा ।

लेकिन कल बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर गंगोत्री पहुंचे तहसीलदार प्रताप सिंह चौहान ने तीर्थ पुरोहितों को स्पष्ट किया कि गंगोत्री मंदिर चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के अधीन है, लिहाजा वे किसी भी श्रद्धालु को मंदिर आने से नहीं रोक सकते।

इसके बाद तीर्थ-पुरोहितों ने अपने फैसले से पीछे हटते हुए प्रशासन से कहा कि वे गंगोत्री धाम आने वाले किसी भी श्रद्धालु का विरोध नहीं करेंगे।

तहसीलदार प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि गंगोत्री धाम सभी श्रद्धालुओं के लिए खुला है। हालांकि, मंदिर परिसर के निकट कुछ तीर्थ-पुरोहित देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के विरोध में धरना दे रहे हैं।

वहीं, गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन प्रेषित कर फिलहाल यात्रा पर रोक लगाने की मांग की गई है और श्रद्धालुओं से भी कोरोना काल समाप्त होने तक गंगोत्री यात्रा पर आने से परहेज करने को कहा गया है ।



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