Edited By Tanuja,Updated: 06 Sep, 2026 11:39 AM

नेपाल के गोरखा जिले में रविवार सुबह थेऱांग नदी में अचानक बाढ़ आने से चार घर और एक सस्पेंशन ब्रिज बह गया। किसी की मौत नहीं हुई। नदी के बुधीगंडकी में मिलने के कारण प्रशासन ने पूरे बेसिन में अलर्ट जारी किया है। पुल टूटने से मनास्लू ट्रेकिंग रूट भी...
Kathmandu: नेपाल के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा एक बार फिर बढ़ गया है। गोरखा जिले के पर्वतीय क्षेत्र में रविवार सुबह थेऱांग नदी में अचानक बाढ़ आने के बाद चार घर और एक सस्पेंशन ब्रिज बह गया। घटना के बाद प्रशासन ने बुधीगंडकी नदी के पूरे बेसिन में अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। नदी का जलस्तर बढ़ता देखकर स्थानीय लोग समय रहते अपने घरों से सुरक्षित स्थानों पर चले गए।गोरखा के चुमानुब्री ग्रामीण नगरपालिका-4 में थेऱांग नदी के उफान से नमरुंगकुर्बु ओंग्याल (नुरबु छिरिंग), उर्गेन छायोदेन, लाक्पा भुटी और दोर्जे ग्यालजेन के घर बह गए।
जिला पुलिस कार्यालय के प्रमुख डीएसपी राजकुमार श्रेष्ठ ने बताया कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को नदी का पानी बढ़ने की जानकारी मिल गई थी, जिसके बाद उन्होंने समय रहते सुरक्षित जगह पर शरण ले ली। बाढ़ की तेज धार में इलाके का एक सस्पेंशन ब्रिज भी बह गया। इस पुल के टूटने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ मनास्लू क्षेत्र में ट्रेकिंग करने वाले पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। मनास्लू क्षेत्र नेपाल के प्रमुख पर्वतीय ट्रेकिंग रूट में शामिल है। यहां आने वाले पर्यटक ऊंचे पहाड़ों, ग्लेशियरों, बौद्ध मठों और दुर्गम घाटियों का सफर करते हैं।
चुमानुब्री ग्रामीण नगरपालिका के अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ अपने साथ बड़ी मात्रा में मिट्टी और मलबा लेकर आई। इससे नदी के बहाव और आसपास के इलाके पर भी असर पड़ा। सहायक मुख्य जिला अधिकारी नेत्र प्रसाद शर्मा के मुताबिक, मलबे के कारण कुछ समय के लिए नदी के निकास मार्ग में रुकावट पैदा हुई, जिससे आसपास के क्षेत्र में पानी और मलबा फैल गया। थेऱांग नदी आगे जाकर बुधीगंडकी नदी में मिलती है। इसी वजह से प्रशासन ने बुधीगंडकी नदी के बेसिन में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने लोगों से नदी के किनारे जाने से बचने और जलस्तर में किसी भी तरह की बढ़ोतरी पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा है।
बाढ़ में सस्पेंशन ब्रिज के बह जाने से मनास्लू ट्रेकिंग रूट पर भी असर पड़ सकता है। स्थानीय प्रशासन ने संकेत दिया है कि पैदल आवाजाही बहाल करने के लिए अस्थायी व्यवस्था की जा सकती है। मनास्लू क्षेत्र अपनी ऊंची पर्वत चोटियों, ग्लेशियरों, बेस कैंप और तिब्बती संस्कृति से जुड़े मठों के लिए दुनिया भर के ट्रेकर्स के बीच लोकप्रिय है। नेपाल के पहाड़ी इलाकों में मानसूनी बारिश के दौरान अचानक बाढ़, भूस्खलन और नदी के जलस्तर बढ़ने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। दुर्गम पर्वतीय इलाकों में ऐसी घटनाओं के बाद राहत और बचाव अभियान चलाना भी चुनौतीपूर्ण होता है।