खास रंग के कमल फूल का करें इस्तेमाल, जन्म-जन्म की कंगाली होगी दूर

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Saturday, October 22, 2016-11:50 AM

शास्त्रों के अनुसार देवी लक्ष्मी को कमला और कमलासना भी कहा जाता है अर्थात कमल पर विराजित रहने वाली। कमल फूल की विशेषता है की वह खिलता तो कीचड़ में है लेकिन उसमें ल‌िप्त नहीं होता। लक्ष्मी पूजन में कमल को खास स्थान प्राप्त है। 


मां लक्ष्मी की पूजा के नियम और सावधानियां...
मां लक्ष्मी की पूजा सफेद या गुलाबी वस्त्र पहनकर करनी चाहिए।  इनकी पूजा का उत्तम समय मध्य रात्रि है। मां लक्ष्मी की गुलाबी कमल के पुष्प पर बैठी प्रतिमा की, जिसमें उनके हाथों से धन बरस रहा हो पूजा करें। गुलाबी पुष्प, विशेषकर कमल  चढ़ाए।  मन्त्रों का जाप स्फटिक की माला से करने पर वह तुरंत प्रभावशाली होता है। इनकी उपासना दीवाली पर करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है पर यदि पूजा के नियमों का पालन न किया जाए, तो मां नाराज भी हो जाती हैं।


इसके अतिरिक्त जन्म-जन्म की कंगाली दूर करने के लिए करें उपाय


*  लक्ष्मी को स्थिर रखने के लिए एक नारियल, लाल-पीला-नीला अौर एक सफेद कमल का फूल मां लक्ष्मी को चढ़ाएं अौर नवमी के दिन ये फूल नदी में बहा कर नारियल को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखें।
 
* यदि ज्यादा मेहनत करने पर भी बरकत न हो रही हो तो मां लक्ष्मी की पूजा के साथ कमल के फूल की भी पूजा करें फिर इस फूल को लाल कपड़े में बांध कर तिजोरी में रख दें।


* मां लक्ष्मी कमल पर विराजित होती हैं। उन्हें प्रसन्न करने के लिए प्रतिदिन घर के पूजन स्थान पर एक कमल का फूल अर्पित करें। इससे धन-संपत्ति बढ़ने लगती है और परिवारवालों के बीच सामंजस्य बना रहता है।



* कमल के फूल को धार्मिक शास्त्रों में अत्यधिक महत्व दिया गया है। धन की देवी लक्ष्मी भी कमल के फूल पर विराजमान रहती हैं। घर में कमल के फूलों का कोई चित्र लगाया जाए तो अन्न-धन की कभी कमी नहीं रहेगी। दीवाली पर देवी लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करने से वह सदा अंग-संग रहती हैं।

 
*  धन प्राप्ति के लिए दीवाली पर महालक्ष्मी को नीले रंग का कमल चढ़ाएं। इस फूल का प्रयोग किसी को वश में करने के लिए भी किया जाता है।


 


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