Edited By ,Updated: 03 May, 2026 03:03 AM

आसाराम बापू, फलाहारी बाबा, गुरमीत राम रहीम, बाबा वैराग्या नंद गिरि उर्फ ‘मिर्ची बाबा’ तथा लिंगायत साधु ‘शिवमूर्ति मुरुघा शरणारू’ आदि बाबाओं की सूची में 2 और नाम ‘नासिक’ (महाराष्ट्र) जिले के ‘अशोक खरात’ तथा ‘महेश गिरि’ के भी जुड़ गए हैं।
आसाराम बापू, फलाहारी बाबा, गुरमीत राम रहीम, बाबा वैराग्या नंद गिरि उर्फ ‘मिर्ची बाबा’ तथा लिंगायत साधु ‘शिवमूर्ति मुरुघा शरणारू’ आदि बाबाओं की सूची में 2 और नाम ‘नासिक’ (महाराष्ट्र) जिले के ‘अशोक खरात’ तथा ‘महेश गिरि’ के भी जुड़ गए हैं। 17 मार्च, 2026 को गिरफ्तार ‘अशोक खरात’ खुद को आस्ट्रेलिया की नेवी का ‘कैप्टन’ तथा ‘कॉस्मोलोजी’ विशेषज्ञ बताया करता था तथा उसके विरुद्ध महाराष्ट्र पुलिस का विशेष जांच दल (एस.आई.टी.) यौन शोषण, ठगी और अंधविश्वास फैलाने आदि कई गंभीर आरोपों की जांच कर रहा है।
15-16 वर्ष पूर्व ‘महाराष्ट्र’ में नासिक जिले के ‘कहांडलवाडी’ गांव से आकर ‘मिरगांव’ में बसने के बाद यहां ‘अशोक खरात’ ने 17-18 एकड़ जमीन खरीद कर भव्य मंदिर बनवाया जहां भक्तों की भीड़ जुटने लगी। उसने यहां ‘श्री शिवनिका संस्थान’ के नाम से लगभग 3.5 एकड़ में अपना मुख्यालय भी बना रखा था। धीरे-धीरे यहां उसके पास लोग अपनी समस्याओं के निवारण के लिए आने लगे और वह इस बहाने महिलाओं का यौन शोषण करने लगा। वह महिलाओं के अश्लील वीडियो बना कर उन्हें ब्लैकमेल भी करता था जिनमें से कई वीडियो पुलिस ने बरामद भी कर लिए हैं। उसके प्रति महिलाओं की अंधश्रद्धा इसी से स्पष्ट है कि हाल ही में महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष ‘रूपाली चाकणकर’ को भी उसके साथ संबंधों के कारण अपने पद से त्यागपत्र देना पड़ा है। कुछ समय पूर्व वायरल हुए एक वीडियो में ‘रूपाली’ उसका ‘पादुका पूजन’ करती दिखाई दे रही थी।
‘अशोक खरात’ पर एक महिला से कई बार बलात्कार करके गर्भवती करने, जादू-टोना करने तथा गर्भपात की दवाएं और नशीले पदार्थ खिलाने का भी आरोप है। अदालत में उक्त मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष ने आरोप लगाया कि उसने समय-समय पर पीड़ित महिला को उसके बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी धमकाया। अपने रसूखदार भक्तों को वह यौन शक्ति बढ़ाने वाली दवाएं भी देता था और ‘यौन शक्तिवर्धक शहद’ की एक किलो की बोतल 9 लाख रुपए में बेचता था। उसका कहना था कि वह यह शहद तुर्की की समुद्री गुफाओं से लाता है।
‘अशोक खरात’ पर ‘ललित पोफले’ नामक अपने एक करीबी से उसके माता-पिता की मृत्यु टाल कर उनकी आयु बढ़ाने के लिए ‘अवतार पूजा’ व विशेष अनुष्ठïान करने का झांसा देकर 9 लाख रुपए ठगने का भी आरोप है। ‘ललित पोफले’ ने उसके विरुद्ध पुलिस थाने में भी शिकायत दर्ज करवाई है। और अब 30 अप्रैल, 2026 को ‘नासिक’ जिला अदालत ने महिलाओं के यौन शोषण के एक अन्य मामले में ‘अशोक खरात’ को 12 मई तक जेल भेज दिया है। ‘अशोक खरात’ पर अपनी पारिवारिक समस्याओं के समाधान के लिए आई एक अन्य महिला के यौन शोषण का भी आरोप है।
उल्लेखनीय है कि ‘अशोक खरात’ के मामले के बाद ‘नासिक’ जिले में ढोंगी बाबाओं के विरुद्ध शिकायतें बढ़ी हैं। हाल ही में ‘धारणगांव मठ’ के बाबा ‘महेश गिरि’ के विरुद्ध भी एक युवती ने यौन शोषण की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई है। पीड़िता का आरोप है कि उसके विवाह में आ रही बाधाएं दूर करने के नाम पर बाबा ने उसका यौन शोषण किया। पुलिस ने इस बाबा के विरुद्ध भी यौन शोषण और जादू-टोना विरोधी कानून के अंतर्गत केस दर्ज कर लिया है। हालांकि सभी संत ऐसे नहीं हैं परंतु निश्चय ही ऐसी घटनाएं संत समाज की बदनामी का कारण बन रही हैं। लेकिन इसके लिए किसी सीमा तक महिलाएं भी दोषी हैं, जो इन ढोंगी बाबाओं की भाषण कला से प्रभावित होकर इनके झांसे में आ जाती हैं और संतान प्राप्ति, घरेलू समस्या निवारण आदि के लोभ में अपना सर्वस्व लुटा बैठती हैं। अत: इस मामले में जहां महिलाओं को सावधानी बरतने की जरूरत है, वहीं समाज व घर के बड़े-बुजुर्गों को भी परिवार की महिलाओं और बच्चियों को विशेष रूप से बिना जांचे-परखे इस तरह के बाबाओं के जाल में फंसने से बचने के लिए सचेत और जागरूक करते रहना चाहिए।—विजय कुमार