‘मिलावटी खाद्य पदार्थों का कारोबार’ सख्ती से रोक लगाने की जरूरत!

Edited By Updated: 05 Apr, 2026 03:57 AM

adulterated food products business

मैडीकल साइंस के मुताबिक मिलावटी खाना खाने से पेट और दिल की बीमारियों के अलावा, किडनी और लिवर को नुकसान हो सकता है तथा कैंसर तक होने का खतरा है।

मैडीकल साइंस के मुताबिक मिलावटी खाना खाने से पेट और दिल की बीमारियों के अलावा, किडनी और लिवर को नुकसान हो सकता है तथा कैंसर तक होने का खतरा है।  इसके बावजूद कुछ लोग चंद रुपए कमाने के लिए आम लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करते हैं और मिलावटी सामान का कारोबार करते हैं। मिलावटी खाद्य पदार्थ पकड़े जाने के पिछले एक सप्ताह  के मामले निम्न में दर्ज हैं : 

* 29 मार्च को ‘जयपुर’ (राजस्थान) पुलिस ने जवाहर नगर इलाके में एक पिकअप वाहन से 600 किलोग्राम मिलावटी पनीर जब्त करके नष्ट कर दिया। यह पनीर ‘जयपुर’ में चल रहे शादियों और त्यौहार के सीजन के दौरान सप्लाई करने के लिए लाया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में ‘अलवर’ जिले के ‘अनवर’ नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
* 31 मार्च को ‘हैदराबाद’ पुलिस ने ‘कट्टेदन’ इलाके में स्थित एक फूड प्रोसैसिंग यूनिट पर छापा मार कर अदरक-लहसुन का 4032 किलो मिलावटी पेस्ट और इसे बनाने में इस्तेमाल होने वाला 6210 किलो घटिया कच्चा माल बरामद किया। बरामद किए गए सामान में एसेटिक एसिड और जैंथन गम जैसे कैमिकल शामिल हैं।  
* 1 अप्रैल को ‘हैदराबाद’ पुलिस ने एक आइसक्रीम पार्लर में छापा मार कर गंदी जगह पर बनाई गई 16,560 आइस कैंडी, 4200 लस्सी कैंडी और लस्सी से भरे 300 गिलास बरामद करके एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इस यूनिट से 15 बाल्टियां दही, 50 किलो चीनी, 8 किलो साइट्रिक एसिड और 500 ग्राम सुक्रोज और लस्सी और कैंडी बनाने वाली मशीन भी जब्त की।
* 3 अप्रैल को ‘दिल्ली’ पुलिस ने महावीर विहार स्थित एक गोदाम पर छापा मारा और बड़ी मात्रा में नकली टूथपेस्ट, खाली ट्यूबें, पैकेजिंग सामग्री, मशीनें, ब्रांड नाम लिखे टेप, गोंद, हीटिंग गन और कच्चा माल जब्त किया। गंदी जगह पर निर्माण होने के कारण इससे स्वास्थ्य को गंभीर खतरा था।

* 3 अप्रैल को ही पुलिस ने ‘दिल्ली’ के द्वारका इलाके में एक गोदाम पर छापा मार कर सॉफ्ट ड्रिंक के 115 डिब्बे और ब्रांडेड बिस्कुट जब्त किए, जिनकी पैकेजिंग के साथ छेड़छाड़ करके उनकी एक्सपायरी डेट बदली गई थी। एक्सपायर्ड उत्पाद खरीद कर लेबल बदलकर स्थानीय बाजारों में बेचा जाता था। 
* 3 अप्रैल को ही ‘सूरत’ (गुजरात) पुलिस ने पनीर बनाने और बेचने के आरोप में ‘महेश कुमार’ शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया।
पुलिस ने सूरत नगर निगम के खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के साथ मिलकर पांदेसरा की ‘भीडभंजन सोसायटी’ स्थित इस आरोपी की यूनिट पर छापा मार कर 3.08 लाख रुपए मूल्य का 1401 किलोग्राम खुला पनीर और इसे बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी और कच्चा माल जब्त किया था।
* 3 अप्रैल को ही ‘बेंगलुरु’ पुलिस ने वजन घटाने वाले नकली पाऊडर और मिलावटी आयुर्वैदिक उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री का गिरोह चलाने के आरोप में दिल्ली के 56 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी वजन घटाने वाले ब्रांडेड पाऊडर के पैकेटों में गेहूं का आटा भर कर बेच रहा था।

मिलावटी सामान बेच कर लोगों की जान से खिलवाड़ करना हत्या जैसा जघन्य अपराध है।  मिलावटी खाद्य पदार्थों का निर्माण और बिक्री रोकने के लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट (2006) लागू है लेकिन इस कानून में सजा सख्त नहीं है। इसके अलावा राज्यों के स्तर पर फूड सेफ्टी डिपार्टमैंट काम करते हैं लेकिन इस कानून को जमीनी स्तर पर लागू करने में कमियां हैं। इसी कारण देश में मिलावटी सामान बिकने के मामले बढ़ रहे हैं। इस पर काबू पाने के लिए कानून में सख्त सजा का प्रावधान करना चाहिए और ऐसे मामलों में पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर के तुरंत सख्त सजा दिलाई जानी चाहिए। इससे हम आम लोगों की सेहत के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोक सकते हैं।—विजय कुमार  

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