Edited By Tanuja,Updated: 05 Apr, 2026 08:21 PM

चीन ने अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और तुरंत सैन्य कार्रवाई रोकने की मांग की। साथ ही चीन ने चेतावनी दी कि नागरिक ठिकानों पर हमले मानव संकट को बढ़ाएंगे। इस बीच चीन ने खुद को ऊर्जा संकट से बचाने की रणनीति...
Bejing: चीन ने अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों की कड़ी आलोचना की है। भारत में चीन के दूतावास की प्रवक्ता ने कहा कि ये हमले बिना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी के किए गए हैं, इसलिए यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं। चीन ने खास तौर पर नागरिक ढांचे जैसे पुल, बिजली संयंत्र और अन्य सुविधाओं पर हमलों का विरोध किया है। उसका कहना है कि ऐसे कदमों से मानवीय संकट और गहरा सकता है और क्षेत्र में स्थिति और बिगड़ सकती है।
चीन ने सभी पक्षों से तुरंत सैन्य कार्रवाई रोकने और बातचीत के रास्ते पर लौटने की अपील की है। उसने कहा कि इस संकट का समाधान केवल कूटनीति और राजनीतिक बातचीत से ही संभव है। इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ गई है क्योंकि दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है। ईरान द्वारा इस मार्ग पर नियंत्रण से कई देशों में ऊर्जा संकट गहरा रहा है।
हालांकि चीन ने इस स्थिति के लिए पहले से तैयारी कर रखी थी। वह लंबे समय से ईरान, रूस और अन्य देशों से सस्ता तेल खरीदकर अपने भंडार बढ़ा रहा है। चीन ने “छोटी रिफाइनरियों” (teapot refineries) के जरिए सस्ते तेल को स्टोर किया, जिससे वह मौजूदा संकट के असर से काफी हद तक बचा हुआ है। कुल मिलाकर, चीन एक तरफ युद्ध का विरोध कर रहा है और दूसरी तरफ अपनी आर्थिक और ऊर्जा रणनीति को मजबूत बनाए हुए है।