Edited By ,Updated: 22 Dec, 2023 05:23 AM

पंजाब की जेलों में नशीले पदार्थ, मोबाइल फोन, सिम और अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं कैदी अपने शरीर के भीतर छिपाकर या जेल कर्मियों की मिलीभगत से जेलों के भीतर लाने में सफल हो जाते हैं जिन्हें कई बार जांच के दौरान पकडऩा मुश्किल होता है।
पंजाब की जेलों में नशीले पदार्थ, मोबाइल फोन, सिम और अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं कैदी अपने शरीर के भीतर छिपाकर या जेल कर्मियों की मिलीभगत से जेलों के भीतर लाने में सफल हो जाते हैं जिन्हें कई बार जांच के दौरान पकडऩा मुश्किल होता है। इसी तरह की घटनाओं को देखते हुए अब पंजाब सरकार ने राज्य की सभी 26 जेलों, जिनमें 10 सैंट्रल, 10 जिला और 6 उप एवं महिला जेलें शामिल हैं, में फुलबॉडी स्कैनर लगाने की योजना बनाई है।
पंजाब का यह पायलट प्रोजैक्ट है। इससे पहले गुजरात, दिल्ली और उत्तर प्रदेश की जेलों में फुलबॉडी स्कैनर लगाए गए हैं। उल्लेखनीय है कि एक फुलबॉडी स्कैनर पर लगभग 1.50 करोड़ की लागत आती है और इस हिसाब से देखा जाए तो 26 जेलों में इनको लगाने पर लगभग 39 करोड़ रुपए खर्च आएगा। चूंकि राज्य की जेलों में पिछली कई सरकारों के समय से ही बाडी स्कैनर लगाने की योजना लटकती आ रही है। अत: हमारे विचार में यदि पिछली सरकारों ने इस ओर ध्यान दिया होता तो वर्तमान सरकार को इन पर एकमुश्त 39 करोड़ रुपए खर्च करने की नौबत न आती और यह रकम राज्य के विकास पर खर्च की जा सकती थी। -विजय कुमार