Edited By Subhash Kapoor,Updated: 22 Feb, 2026 07:41 PM

पंजाब सरकार द्वारा भले ही हर वर्ग के लोगों को राहत देने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन असलियत इसके बिल्कुल उल्ट है जिसके तहत विधानसभा चुनाव से पहले प्रॉपर्टी टैक्स के साथ बिल लिंक करके बिजली उपभोक्ताओं को झटका देने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
लुधियाना : पंजाब सरकार द्वारा भले ही हर वर्ग के लोगों को राहत देने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन असलियत इसके बिल्कुल उल्ट है जिसके तहत विधानसभा चुनाव से पहले प्रॉपर्टी टैक्स के साथ बिल लिंक करके बिजली उपभोक्ताओं को झटका देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। मिली जानकारी के मुताबिक यह योजना लोकल बॉडी मंत्री संजीव अरोड़ा द्वारा बनाई गई है। जिसके लिए कभी भी प्रॉपर्टी टैक्स जमा न करवाने वालों के अलावा रेगुलर या सही जानकारी देकर रिटर्न दाखिल न करने वालों पर शिकंजा कसने का टार्गेट रखा गया है। इस मुद्दे पर 24 फरवरी को चंडीगढ़ में बुलाई गई मीटिंग के दौरान रिपोर्ट पेश करने के निर्देश नगर निगम के अधिकारियों को दिए गए हैं।
जहां इस योजना को लागू करने का खाका तैयार किया जाएगा।
माफी के दायरे में आने वाले यूनिटों का क्या होगा
प्रॉपर्टी टैक्स के साथ बिजली के बिल लिंक करने की योजना को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही पैदा हो रहा है कि माफी के दायरे में आने वाले यूनिटों का क्या होगा। क्योंकि सरकार द्वारा खुद 300 यूनिट तक की खपत करने वाले रिहायशी उपभोक्ताओं को बिजली बिल माफ किया हुआ है। उन घरों से बिजली बिल के साथ प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली कैसे होगी। क्योंकि रिहायशी बिल्डिंग के मामले में सिर्फ 125 गज तक की सिंगल स्टोरी व 50 गज तक के मल्टी स्टोरी रिहायशी मकानों को ही प्रॉपर्टी टैक्स की छूट दी गई है।
यह भी खड़े हो रहे हैं सवाल
मिक्स लैंड यूज वाले यूनिटों का क्या होगा। प्रॉपर्टी टैक्स की कलेक्शन सालाना होती है और बिजली का बिल मासिक। कई जगह रिहायशी बिजली के बिल के सहारे चल रही है दुकान रूपी कमर्शियल गतिविधियां। किराये वाली बिल्डिंगों की बिजली बिल के साथ अलग से कैसे होगी पहचान।