महंगाई से राहत देने के लिए सरकार ने उठाए कुछ और कदम

Edited By , Updated: 26 May, 2022 03:25 AM

some more steps taken by the government to relieve inflation

देश में बढ़ती महंगाई पर काबू पाने के लिए कुछ समय से सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी शृंखला में 13 मई को केंद्र सरकार ने गेहूं की कीमतों में कमी लाने के उद्देश्य से इसका निर्यात रोक दिया था जिसके बाद गेहूं के दाम 4 से 8 प्रतिशत तक टूट

देश में बढ़ती महंगाई पर काबू पाने के लिए कुछ समय से सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी शृंखला में 13 मई को केंद्र सरकार ने गेहूं की कीमतों में कमी लाने के उद्देश्य से इसका निर्यात रोक दिया था जिसके बाद गेहूं के दाम 4 से 8 प्रतिशत तक टूट गए थे और फिलहाल गेहूं के दाम निर्यात प्रतिबंध वाले दिन के स्तर से 15 से 75 रुपए प्रति क्विंटल तक कम हैं। 

इसी प्रकार केंद्र सरकार ने 21 मई को पैट्रोल पर 8 रुपए और डीजल पर 6 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी घटाने के अलावा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना वाले सिलैंडरों पर इस वर्ष 200 रुपए की सबसिडी देने का फैसला किया है। इसी दिन इस्पात और प्लास्टिक उद्योग में इस्तेमाल होने वाले कुछ कच्चे माल पर भी आयात शुल्क घटाने का निर्णय लिया गया। और अब 24 मई को केंद्र सरकार ने खाद्य तेलों पर बड़ा फैसला लेते हुए मार्च, 2024 तक के लिए सालाना 20 लाख टन कच्चे सोयाबीन और सूरजमुखी तेल के आयात पर सीमा शुल्क तथा सैस हटाने की घोषणा की है। 

इसके साथ ही केंद्र सरकार ने इसी दिन घरेलू बाजार में इसकी उपलब्धता बढ़ा कर इसकी मूल्य वृद्धि रोकने के लिए चीनी के निर्यात पर 1 जून से पाबंदी लगाने का निर्णय किया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा लोगों को और राहत देने के लिए जल्द ही पैट्रोल, डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में और कमी करने, अन्य खाद्य तेलों तथा कपास पर भी आयात शुल्क घटाने पर विचार करने की संभावना जताई जा रही है ताकि घरेलू कपड़ा निर्माताओं को सस्ती दरों पर धागा मिल सके। रेटिंग एजैंसी ‘इक्रा’ के अनुसार सरकार के इन कदमों से खुदरा महंगाई की दर अप्रैल में 8 वर्ष के सर्वोच्च स्तर 7.8 की तुलना में कुछ घट कर मई महीने में 7 प्रतिशत तक आ सकती है। 

रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में 40 बेसिस प्वाइंट की कमी के मॉनिटरी फैसले के बाद वित्त मंत्रालय ने महंगाई पर चौतरफा हमला शुरू कर दिया है। इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने जून में आॢथक नीति में ब्याज दरों में वृद्धि के संकेत दिए हैं। इससे मांग में कमी आने से महंगाई काबू में आने के बाद जी.डी.पी. में सुधार से नौकरियों के मौके भी बढ़ेंगे। परिणामस्वरूप सरकार के इन कदमों से जहां आम लोगों, विशेषकर गृहिणियों को कुछ राहत मिलेगी वहीं इनसे आगामी चुनावों में भी सरकार के प्रति लोगों की नाराजगी में कुछ कमी आ सकती है।—विजय कुमार 

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