Edited By jyoti choudhary,Updated: 18 Mar, 2026 11:58 AM

घरेलू शेयर बाजारकी आज शुरुआत मजबूती के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में ही बाजार में तेजी का माहौल देखने को मिला, जहां आईटी और ऑटो सेक्टर में खरीदारी ने प्रमुख सूचकांकों को सहारा दिया।
बिजनेस डेस्कः घरेलू शेयर बाजारकी आज शुरुआत मजबूती के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में ही बाजार में तेजी का माहौल देखने को मिला, जहां आईटी और ऑटो सेक्टर में खरीदारी ने प्रमुख सूचकांकों को सहारा दिया।
इस समय बीएसई सेंसेक्स 772.59 अंकों की बढ़त के साथ 76,843.43 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वहीं, एनएसई का निफ्टी 50 भी 227.10 अंकों से अधिक चढ़कर 23,807.15 के करीब पहुंच गया।
निफ्टी 50 में इंटरग्लोब एविएशन, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, विप्रो और श्रीराम फाइनेंस जैसे शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। इन कंपनियों में मजबूत खरीदारी से बाजार को ऊपर जाने में मदद मिली।
वहीं, व्यापक बाजार में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप करीब 0.97 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जो निवेशकों की बढ़ती भागीदारी का संकेत है।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी और ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा मजबूती रही। निफ्टी आईटी और निफ्टी ऑटो ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि निफ्टी मेटल लगभग 0.83 प्रतिशत की गिरावट के साथ दिन का सबसे कमजोर सेक्टर रहा।
ग्लोबल संकेतों का असर
वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों का असर भी भारतीय बाजार पर दिखा। निवेशकों की नजर अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की बैठक पर टिकी है। उम्मीद है कि इस बार ब्याज दरों में बदलाव नहीं होगा लेकिन भविष्य की नीति को लेकर दिए गए संकेत बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।
एशियाई बाजारों में भी तेजी का माहौल रहा। जापान का निक्केई 225 दो प्रतिशत से अधिक चढ़ा, जबकि फरवरी में देश के निर्यात में 4.2 प्रतिशत की सालाना वृद्धि ने बाजार को समर्थन दिया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 4 प्रतिशत की जोरदार बढ़त के साथ आगे रहा। इसके अलावा, चीन का सीएसआई 300 और हांगकांग का हैंग सेंग भी हल्की बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे।
अमेरिकी बाजारों में भी सकारात्मक रुख रहा। एसएंडपी 500 और डाउ जोंस मामूली बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि नैस्डैक में अच्छी तेजी दर्ज की गई, जिससे वैश्विक निवेश धारणा मजबूत बनी रही।