Edited By ,Updated: 01 Oct, 2026 02:20 AM

भारत में आवारा कुत्तों के काटने और रैबीज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं जिस कारण ये लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गए हैं।
भारत में आवारा कुत्तों के काटने और रैबीज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं जिस कारण ये लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गए हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस वर्ष की पहली छमाही में ही देश में कुत्तों के काटने के 30 लाख से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
कुछ समय पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसी कारण सुप्रीम कोर्ट ने भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों जैसे स्कूल, कालेज और अस्पतालों आदि के परिसरों को सुरक्षित और बाड़ लगाकर आवारा कुत्तों से मुक्त करने की आवश्यकता पर बल दिया है। इस तरह के घटनाक्रम के बीच पिछले लगभग डेढ़ महीनों में आवारा कुत्तों द्वारा लोगों को काटने की चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :
* 10 अगस्त को ‘कल्याण’ (महाराष्ट्र) में एक आवारा कुत्ते ने मात्र 24 घंटे के भीतर 130 से 150 लोगों को अपना शिकार बना कर लहू-लुहान कर दिया। घायलों में से एक 3 वर्षीय बच्ची को लगभग 90 टांके लगाने पड़े।
* 19 अगस्त को ‘बागपत’ (उत्तर प्रदेश) जिले के ‘लालियाना’ गांव में आवारा कुत्ते के काटने के कारण रैबीज के शिकार हुए ‘अनीश’ नामक एक लड़के की मौत हो गई।
* 22 अगस्त को ‘मिर्जापुर’ (उत्तर प्रदेश) में ‘करण’ नामक बच्चा कुत्ते के काटने के बाद रैबीज से पीड़ित होकर भौंकने जैसी हरकतें करने लगा।
* 3 सितम्बर को ‘उदयपुर’ (राजस्थान) में एक आवारा कुत्ते के काटने के परिणामस्वरूप रैबीज के शिकार हुए युवक की मौत हो गई।
* 19 सितम्बर को ‘सोनीपत’ (हरियाणा) में 7 महीनों के मासूम बच्चे पर एक आवारा कुत्तेे ने हमला करके उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।
* 21 सितम्बर को ‘रोहतक’ (हरियाणा) में एक आवारा कुत्ते ने सड़क पर जा रही महिला पर हमला कर उसे जमीन पर गिरा दिया और उसके दोनों पैरों को बुरी तरह से काट लिया। पड़ोसियों ने बड़ी मुश्किल से महिला को कुत्ते के चंगुल से छुड़ा कर अस्पताल में भर्ती कराया।
* 25 सितम्बर को ‘लखीमपुर खीरी’ (उत्तर प्रदेश) के ‘मझगई’ कस्बे में आवारा कुत्तों ने कई लोगों और बच्चों को काटा।
* 26 सितम्बर को ‘कपूरथला’ (पंजाब) में एक आवारा कुत्ते ने 6 बच्चों सहित 15 लोगों को काट दिया।
* 28 सितम्बर को ‘शिवपुरी’ (मध्य प्रदेश) में एक कुत्ते ने एक ही दिन में 35 से अधिक लोगों को काट कर घायल कर दिया, जिसमें एक बच्ची का चेहरा बुरी तरह छिल गया। इसी दिन ‘श्योपुर’ में एक आवारा कुत्ते ने सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर 27 लोगों को काटा।
* 29 सितम्बर को ‘भागलपुर’ (बिहार) में एक ही दिन में आवारा कुत्तों ने 10 लोगों को काट कर लहूलुहान कर दिया।आवारा कुत्तों की समस्या से तंग आए लोग इस समस्या की ओर अधिकारियों का ध्यान दिलाने के लिए तरह-तरह के तरीके भी अपना रहे हैं। इसी शृंखला में :
* 16 अगस्त, 2026 को मध्य प्रदेश के ‘खंडवा’ में एक व्यक्ति ‘खंडवा’ नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष ‘दीपक राठौर’ के साथ कुत्ते जैसा हुलिया बनाकर और चेहरे पर कुत्ते का मुखौटा लगा कर कलैक्टर की जन सुनवाई सभा में पहुंच गया। उसने कुत्ते जैसी आवाज भी निकाली और फिर कलैक्टर को सौंपे ज्ञापन में लोगों को आवारा कुत्तों की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए गुहार लगाई।
* 17 सितम्बर, 2026 को महाराष्ट्र के ‘नासिक’ जिले के ‘निफाड’ शहर में आवारा कुत्तों के आतंक से परेशान शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेताओं ने एक बोरे में कुछ आवारा कुत्ते भरे और उन्हें ले जाकर ‘निफाड’ नगर पंचायत कार्यालय के अधिकारी ‘धीरज भामरे’ की मेज पर छोड़ दिया जिससे वहां हड़कम्प मच गया। उपरोक्त घटनाओं से स्पष्टï है कि कुत्तों के काटने पर समुचित सावधानी न बरतने और एंटी रैबीज टीका न लगवाने के कितने भयानक परिणाम हो सकते हैं, अत: कुत्तों के काटने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
जब तक केंद्र व राज्य सरकारें आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को रोकने के लिए उनकी नसबंदी में तेजी नहीं लाएंगी और उनके काटने से होने वाली मौतों पर रोक लगाने तथा इलाज के लिए जरूरी दवाएं सरकारी अस्पतालों में सुगमतापूर्वक उपलब्ध करवाने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं करेंगी, तब तक इस समस्या से मुक्ति मिलना मुश्किल है।-विजय कुमार