‘आज के वैज्ञानिक युग में’अंधविश्वासों में पड़ कर तबाह हो रहे लोग!

Edited By Updated: 19 Nov, 2025 05:14 AM

today s scientific age people are getting ruined by falling into superstitions

आज के वैज्ञानिक युग में भी अंधविश्वास और जादू-टोने लोगों की जान के दुश्मन बने हुए हैं। बड़ी संख्या में लोग तंत्र-मंत्र, अंधविश्वासों, वहमों-भ्रमों व टोने-टोटकों में पड़ कर खुद को तबाह कर रहे हैं, यह पिछले मात्र 8 महीनों के दौरान सामने आई निम्न...

आज के वैज्ञानिक युग में भी अंधविश्वास और जादू-टोने लोगों की जान के दुश्मन बने हुए हैं। बड़ी संख्या में लोग तंत्र-मंत्र, अंधविश्वासों, वहमों-भ्रमों व टोने-टोटकों में पड़ कर खुद को तबाह कर रहे हैं, यह पिछले मात्र 8 महीनों के दौरान सामने आई निम्न घटनाओं से स्पष्टï है : 

* 9 मार्च, 2025 को ‘कोप्पल’ (कर्नाटक) में एक गांव में बीमार चल रहे अपने 7 महीने के बेटे की बीमारी दूर करने के लिए एक महिला को कुछ लोगों ने सलाह दी कि यदि बच्चे को अगरबत्तियों से दागा जाए तो उसके भीतर बैठी ‘दुष्टात्मा’ निकल जाएगी और बच्चे की बीमारी दूर हो जाएगी। महिला कई दिन लगातार बच्चे को अगरबत्तियों से दागती रही। इससे उसकी सेहत और बिगड़ गई तथा आखिरकार वह मर गया।

* 8 जून को ‘गाजीपुर’ (उत्तर प्रदेश) में ‘दिलदार नगर’ के ‘उसिया’ गांव में तेज हवा के कारण ‘रामजी यादव’ के घर से कागज का एक टुकड़ा उड़ कर पड़ोसी ‘फेरू यादव’ के मकान की छत पर जा गिरा।
‘फेरू यादव’ का परिवार इसे ‘भूत-प्रेत’ या ‘तांत्रिक क्रिया’ से जुड़ा मानकर ‘रामजी यादव’ के परिवार पर आरोप लगाने लगा। जल्दी ही झगड़े ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें ‘जीतन यादव’ नामक एक बुजुर्ग को गहरी चोटें आ जाने से उसकी मौत हो गई। गांव में अफवाह फैली हुई थी कि ‘जीतन यादव’ पर किसी बुरी आत्मा का साया है।  
* 17 अगस्त को ‘चूरू’ (राजस्थान) जिले के ‘रतनगढ़’ में ‘इमरान’ नामक एक युवक के घर में बुरी आत्मा का साया दूर करने के लिए आए उसके ननिहाल के 12 लोगों ने पहले तो उसके पिता ‘महबूब खान’ को जबरदस्ती मिर्च का पानी पिलाया, फिर उसकी आंखों में मिर्च तथा कानों में तेल से भरी रूई ठूंस दी। 
विरोध करने पर उन लोगों ने ‘महबूब खान’ का मुंह ढांप कर पानी से भरे टब में डुबो दिया जिससे उसकी मौत हो गई। ‘इमरान’ की शिकायत के आधार पर पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
* 8 नवम्बर को ‘शहडोल’ (मध्य प्रदेश) में ‘सत्येंद्र सिंह’ नामक एक युवक ने जादू-टोना करने के संदेह में कुल्हाड़ी और डंडों से पीट-पीट कर अपनी मां ‘प्रेमबाई’ को मार डाला क्योंकि वह अपने चाचा तथा बच्चों की बीमारी का कारण अपनी मां को मान रहा था। पुलिस ने आरोपी युवक तथा उसके चार रिश्तेदारों को गिरफ्तार कर लिया है।

* 15 नवम्बर को ‘नवसारी’ (गुजरात) में उत्तर प्रदेश की रहने वाली ‘सुनीता शर्मा’ नामक महिला ने अपने बुजुर्गों के ‘मोक्ष’ के लिए अपने 7 और 4 वर्ष के 2 मासूम बेटों की हत्या कर दी। 
* और अब 16 नवम्बर को ‘जोधपुर’ में 4 युवतियों ने अपने 16 दिन के भांजे को अपने पैरों से कुचल कर बेरहमी से उसे मार डाला। पुलिस के अनुसार आरोपी युवतियों ने नवजात की हत्या इसलिए की क्योंकि उनकी शादी नहीं हो रही थी और वे इसके लिए अपनी इस बहन को जिम्मेदार मान रही थीं जिसका पहले भी एक बेटा है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस घटना के वीडियो में नवजात को गोद में लेकर बैठी एक युवती तथा उसके सामने बैठी अन्य युवतियां मुंह में कुछ बुदबुदाती नजर आ रही हैं जो संभवत: कोई ‘मंत्र’ पढ़ रही थीं। उक्त घटनाएं समाज में जागरूकता की कमी तथा अंधविश्वास की गहरी जड़ों को उजागर करती हैं। इससे बढ़कर विडम्बना क्या होगी कि आज के बदले हुए दौर में भी लोग अंधविश्वासों के चक्कर में पड़ कर ऐसे जघन्य काम कर रहे हैं जिनसे लोगों को अपने प्राणों तक से हाथ धोना पड़ रहा है। अत: समाज के प्रबुद्ध वर्ग को लोगों को अज्ञान और अंधविश्वासों के इस अंधकार से बाहर निकालने के लिए आगे आना चाहिए।—विजय कुमार  

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