Edited By Rahul Singh,Updated: 29 Sep, 2026 06:34 PM
Suzuki की योजना ADAS को ज्यादा से ज्यादा कारों तक पहुंचाने की है। कंपनी का मानना है कि अगर महंगी कारों में ही एडवांस सेफ्टी सिस्टम दिए जाएं तो सड़क हादसों को कम करने में इसका असर सीमित रहेगा।
Auto News: Suzuki ने अपनी आने वाली कारों में एडवांस सेफ्टी फीचर्स बढ़ाने की योजना बनाई है। कंपनी का फोकस सिर्फ महंगी कारों तक ADAS (Advanced Driver Assistance Systems) को सीमित रखने के बजाय इसे कम कीमत वाली कारों में भी उपलब्ध कराने पर है। भारत Suzuki की इस योजना के लिए अहम बाजारों में शामिल है। कंपनी ने 2026 की Technology Strategy Briefing में ADAS के साथ नए इंजन, हाइब्रिड पावरट्रेन और हल्की बॉडी तकनीक से जुड़ी अपनी योजनाओं की जानकारी दी।
Suzuki ने भारत में सड़क सुरक्षा की स्थिति को भी अपनी रणनीति का एक बड़ा कारण बताया है। कंपनी के अनुसार 2024 में भारत में सड़क हादसों में करीब 1.77 लाख लोगों की मौत हुई थी। Suzuki का कहना है कि भारत में प्रति व्यक्ति सड़क दुर्घटना में मौत की दर जापान की तुलना में करीब छह गुना है। 2024 में भारतीय पैसेंजर व्हीकल बाजार में करीब 40.6 प्रतिशत हिस्सेदारी होने के कारण कंपनी कम कीमत वाली कारों में सुरक्षा तकनीक पहुंचाने पर जोर दे रही है।
सस्ती कारों में भी मिलेंगे जरूरी ADAS फीचर्स
Suzuki की योजना ADAS को ज्यादा से ज्यादा कारों तक पहुंचाने की है। कंपनी का मानना है कि अगर महंगी कारों में ही एडवांस सेफ्टी सिस्टम दिए जाएं तो सड़क हादसों को कम करने में इसका असर सीमित रहेगा। कंपनी के ‘SDV Right’ सिस्टम के तहत ग्राहकों के लिए जरूरी सुरक्षा फीचर्स की पहचान की जाएगी और भारतीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कम लागत वाला ADAS तैयार किया जाएगा। इसमें ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग और लेन डिपार्चर प्रिवेंशन जैसे फीचर्स को जरूरी सुरक्षा तकनीक के तौर पर शामिल करने की योजना है। वहीं, ड्राइविंग में सुविधा देने वाले कुछ अन्य फीचर्स ग्राहकों की पसंद के आधार पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे कार की कीमत को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
कैमरे की मदद से कम होगी ADAS की लागत
Suzuki ADAS सिस्टम की लागत कम करने के लिए इसके हार्डवेयर को सरल बनाने पर काम कर रही है। कंपनी का प्रस्तावित सिस्टम हाई-रेजोल्यूशन कैमरों और AI चिप्स पर आधारित होगा। इसमें आगे की तरफ लगाए जाने वाले रडार को हटाने की योजना है, जिससे सिस्टम की लागत कम हो सकती है। कंपनी ADAS के साथ ड्राइवर मॉनिटरिंग और ऑक्यूपेंट मॉनिटरिंग के लिए कैमरा सिस्टम को भी एक साथ जोड़ने पर काम कर रही है। इससे अलग-अलग हार्डवेयर की जरूरत कम होगी और सिस्टम को ज्यादा सरल बनाया जा सकेगा। भारत में स्थानीय ट्रैफिक और सड़क परिस्थितियों को ध्यान में रखकर इस तकनीक को विकसित करना Suzuki की योजना का अहम हिस्सा होगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम भी होगा हल्का और सस्ता
Suzuki एक नए इलेक्ट्रॉनिक्स आर्किटेक्चर पर भी काम कर रही है। इसमें कम्युनिकेशन, पावर डिस्ट्रीब्यूशन और बॉडी कंट्रोल जैसे कामों को Central Zone ECU में एक साथ जोड़ा जाएगा। कंपनी का लक्ष्य इस सिस्टम की लागत को मौजूदा व्यवस्था की तुलना में करीब 30 प्रतिशत तक कम करना और वजन में करीब 15 प्रतिशत की कमी करना है। ये आंकड़े केवल इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम से जुड़े हैं, पूरी कार के वजन या कीमत से नहीं।
नए टर्बो इंजन और हाइब्रिड कारों पर भी काम
Suzuki की टेक्नोलॉजी योजना में नए इंजन भी शामिल हैं। कंपनी करीब 1.2 लीटर 3-सिलेंडर टर्बो इंजन पर काम कर रही है, जो लगभग 126 PS की पावर और 230 Nm का टॉर्क दे सकता है। इसके अलावा 1.5 लीटर 4-सिलेंडर टर्बो इंजन भी तैयार किया जा रहा है, जो करीब 160 PS की पावर और 280 Nm का टॉर्क दे सकता है।इन इंजनों के लिए E100 के साथ-साथ CNG और CBG जैसे ईंधन विकल्पों पर भी काम किया जा रहा है। कंपनी के रोडमैप में इसके लिए 2030 का लक्ष्य दिखाया गया है।
अलग-अलग सेगमेंट के लिए आएंगी हाइब्रिड तकनीक
Suzuki किफायती 48V हाइब्रिड सिस्टम पर भी काम कर रही है, जिसे छोटी कारों में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा 1.2 लीटर सीरीज हाइब्रिड सिस्टम की भी योजना है, जिसका सिस्टम आउटपुट करीब 87 bhp हो सकता है। कंपनी करीब 114 bhp वाली REEV Light तकनीक और लगभग 174 bhp पावर वाली टर्बो प्लग-इन हाइब्रिड तकनीक पर भी काम कर रही है। इन तकनीकों को भविष्य में छोटी कारों से लेकर बड़ी SUV तक अलग-अलग मॉडल में इस्तेमाल किया जा सकता है।
भविष्य की Maruti Suzuki कारों पर रहेगा फोकस
Suzuki कारों को हल्का बनाने की तकनीक पर भी काम कर रही है। कंपनी भविष्य की छोटी कारों में करीब 100 किलो तक वजन कम करने वाली तकनीक पर काम कर रही है। इसके अलावा CNG सिलेंडर को भी पहले की तुलना में काफी हल्का बनाने की योजना है। कुल मिलाकर Suzuki की नई टेक्नोलॉजी रणनीति में सुरक्षा, कम कीमत, बेहतर माइलेज, कम वजन और ज्यादा पावर के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया गया है। भारत में Maruti Suzuki की बड़ी बाजार हिस्सेदारी को देखते हुए इन तकनीकों का इस्तेमाल भविष्य में कंपनी की किफायती कारों में भी देखने को मिल सकता है।