UPI के 10 साल: डिजिटल पेमेंट में भारत ने रचा इतिहास, ट्रांजैक्शन में रिकॉर्ड उछाल

Edited By Updated: 24 Aug, 2026 06:13 PM

10 years of upi india makes history in digital payments

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने पिछले 10 वर्षों में भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, 25 अगस्त 2016 को लॉन्च होने के बाद UPI के जरिए सालाना लेनदेन 2016-17 के 1.78 करोड़ से बढ़कर 2025-26 में

नई दिल्लीः यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने पिछले 10 वर्षों में भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, 25 अगस्त 2016 को लॉन्च होने के बाद UPI के जरिए सालाना लेनदेन 2016-17 के 1.78 करोड़ था। यह आंकडा 2025-26 में बढ़कर 24,162 करोड़ से अधिक हो गया यानी करीब एक दशक में UPI ट्रांजैक्शन की संख्या लगभग 13,000 गुना बढ़ गई है। लेनदेन का मूल्य भी 7,000 करोड़ रुपए से बढ़कर करीब 314 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया है।

जुलाई 2026 में बना नया रिकॉर्ड

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की निगरानी में NPCI द्वारा विकसित UPI ने 2026 में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। मई 2026 में पहली बार एक महीने में 2,320 करोड़ लेनदेन हुए। इसके बाद जुलाई में 2,366 करोड़ ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए, जो UPI के इतिहास में किसी एक महीने का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

UPI से जुड़े 703 बैंक

UPI के साथ जुड़ने वाले बैंकों और वित्तीय संस्थानों की संख्या में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है। 2016-17 में सिर्फ 44 बैंक UPI से जुड़े थे, जबकि 2025-26 में इनकी संख्या बढ़कर 703 हो गई। वित्त वर्ष 2025-26 में 24,162 करोड़ UPI ट्रांजैक्शन होना इसके रोजमर्रा के डिजिटल भुगतान में बढ़ते इस्तेमाल को दर्शाता है।

डिजिटल अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव

यूपीआई भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का अहम हिस्सा बन चुका है। इसके जरिए व्यक्ति-से-व्यक्ति और व्यक्ति-से-व्यापारी भुगतान तुरंत किया जा सकता है। UPI ने डिजिटल वित्तीय सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने, डिजिटल अंतर कम करने और वित्तीय समावेशन को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

दुनिया में UPI का दबदबा

UPI की पहुंच और विश्वसनीयता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने इसे लेनदेन की संख्या के आधार पर दुनिया की सबसे बड़ी रियल-टाइम पेमेंट प्रणाली बताया है। IMF के मुताबिक, 2025 में वैश्विक रियल-टाइम पेमेंट ट्रांजैक्शन में UPI की हिस्सेदारी करीब 49 प्रतिशत रही।

11 देशों तक पहुंचा UPI

भारत में प्रमुख भुगतान नेटवर्क बनने के बाद UPI अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विस्तार कर रहा है। फिलहाल यह UAE, फ्रांस, भूटान, श्रीलंका, नेपाल, सिंगापुर, मॉरीशस, कतर, कंबोडिया, ग्रीस और मालदीव समेत 11 देशों में उपलब्ध है।

अगले दशक पर सरकार की नजर

वित्त मंत्रालय के अनुसार, UPI का अगला दशक डिजिटल भुगतान व्यवस्था में और बड़े बदलाव ला सकता है। सरकार नए यूजर्स और व्यापारियों को UPI से जोड़ने के साथ नीतिगत समर्थन, तकनीकी विकास और वित्तीय समावेशन के जरिए डिजिटल पेमेंट सिस्टम को और मजबूत करने पर जोर दे रही है।
 

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