Edited By Niyati Bhandari,Updated: 29 Aug, 2026 11:20 AM
Bhadrapada Month 2026 Rules: भाद्रपद मास 29 अगस्त से शुरू हो रहा है। सुख-समृद्धि और मानसिक शांति के लिए इस महीने में कौन से कड़े नियमों का पालन करना चाहिए और कौन से कार्य वर्जित हैं, जानें।
Bhadrapada Month 2026: भाद्रपद मास केवल त्योहारों का नहीं, बल्कि हमारी जीवनशैली को संयमित और संतुलित करने का माध्यम है। इस वर्ष 29 अगस्त से शुरू हो रहे भादो के पावन महीने में नियमित रूप से भगवान विष्णु की कथा सुनें, प्रतिदिन गायत्री मंत्र का जाप करें और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र व छाते का दान करें।
भाद्रपद माह में स्नान, दान तथा व्रत करने से जन्म-जन्मान्तर के पाप नाश हो जाते हैं। भादो में अनेक लोक व्यवहार के कार्य निषेध होने के कारण यह माह शून्य मास भी कहलाता है। भादो में नए घर का निर्माण, विवाह, सगाई आदि मांगलिक कार्य शुभ नहीं माने जाते, इसलिए भादो में भक्ति, स्नान-दान के लिए उत्तम समय माना गया है। भाद्रपद माह धार्मिक तथा व्यावहारिक नजरिए से जीवनशैली में संयम और अनुशासन को अपनाना दर्शाता है। इसलिए इसमें कुछ नियमों का पालन करना अनिवार्य बताया गया है। शास्त्रनुसार भाद्रपद माह में कुछ कार्य निषेद्ध हैं तथा कुछ खाद्य सामाग्री पर भी वर्जना बताई गयी है। इन वर्जनाओं और निर्देशन के पीछे वैज्ञानिक और संस्कृति उद्देश भी है।
Rules & Niyams of Bhadrapada भाद्रपद मास के कड़े नियम, भूलकर भी न करें ये गलतियां
भाद्रपद मास में आयुर्वेद और धार्मिक शास्त्रों दोनों के दृष्टिकोण से कुछ विशेष नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है:

दही का त्याग: सावन के महीने में जहां हरी सब्जियों के परहेज की सलाह दी जाती है, वहीं भादो के महीने में दही और दही से बनी चीजों (जैसे मट्ठा, रायता आदि) का सेवन पूरी तरह वर्जित माना गया है। आयुर्वेद के अनुसार, इस मौसम में पाचन तंत्र कमजोर होता है और दही का सेवन कफ व पेट संबंधी बीमारियों को बढ़ा सकता है।

तामसिक भोजन से दूरी: इस महीने लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा और नशीले पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए। सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए।
झूठ बोलने और कलह से बचें: भादो का महीना मन को शुद्ध करने का है। इस समय किसी की निंदा न करें, झूठ न बोलें और घर में शांति बनाए रखें।
पंचगव्य और दूध का महत्व: इस महीने में गाय के दूध, घी और पंचगव्य का सेवन सेहत और अध्यात्म दोनों के लिए उत्तम माना गया है।

बिस्तर का त्याग: धार्मिक रूप से इस महीने भूमि पर शयन करने की सलाह दी जाती है, जिससे व्यक्ति में सादगी और विनम्रता आती है।

Do these things during the month of Bhadrapada भाद्रपद मास में करें ये काम
जो लोग एक माह के भीतर अपने घर में लड्डू गोपाल और शंख की स्थापना करते हैं, वे निश्चित तौर पर अपार धन और सम्पन्नता के स्वामी बनते हैं।
हर प्रकार की बाधा का नाश करने के लिए श्री कृष्ण के बाल रुप को पंचामृत से स्नान करवाकर चरणामृत ग्रहण करें।
जो लोग संतान सुख से वंचित हैं, उन्हें लड्डू गोपाल की सेवा करनी चाहिए।
श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ करना चाहिए, इससे सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
सात्विक रहें।
