Accenture ने बदला सैलरी इंक्रीमेंट का नियम, कर्मचारियों को ऐसे मिलेगा फायदा

Edited By Updated: 20 Jul, 2026 06:08 PM

accenture changes salary increment policy here is how employees will benefit

वैश्विक आईटी सर्विस कंपनी Accenture ने मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए अपने सैलरी इंक्रीमेंट सिस्टम में बदलाव किया है। नए नियम के तहत कर्मचारियों को मिलने वाली वेतन वृद्धि का केवल 50% हिस्सा उनकी बेसिक सैलरी में जोड़ा जाएगा, जबकि बाकी 50%...

बिजनेस डेस्कः वैश्विक आईटी सर्विस कंपनी Accenture ने मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए अपने सैलरी इंक्रीमेंट सिस्टम में बदलाव किया है। नए नियम के तहत कर्मचारियों को मिलने वाली वेतन वृद्धि का केवल 50% हिस्सा उनकी बेसिक सैलरी में जोड़ा जाएगा, जबकि बाकी 50% राशि एकमुश्त (Lump Sum) भुगतान के रूप में दी जाएगी।

जून 2026 के सैलरी रिवीजन से लागू हुआ नया सिस्टम

कंपनी के एक डॉक्यूमेंट के अनुसार, इस साल जून के मेन सैलरी रिवीजन साइकल में ये नया सिस्टम लागू किया गया है। इसके तहत, टैलेंट और ग्रुप लीड पात्र कर्मचारियों के लिए कुल सैलरी इंक्रीमेंट का प्रतिशत तय करेंगे, जिसे बाद में दो बराबर-बराबर हिस्सों में बांटा जाएगा। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी को 10 प्रतिशत का सैलरी इंक्रीमेंट मिलता है, तो 5 प्रतिशत उसके बेसिक सैलरी में जोड़ा जाएगा और बाकी का 5 प्रतिशत उसे एकमुश्त भुगतान के रूप में सैलरी के साथ ही दे दिया जाएगा। 

कंपनी ने बताया बदलाव का उद्देश्य

Accenture का कहना है कि इस मॉडल से कर्मचारियों को तुरंत अतिरिक्त नकद राशि (Immediate Cash Benefit) मिलेगी, जिसे कई कर्मचारी प्राथमिकता देते हैं। साथ ही, बेसिक वेतन पर दीर्घकालिक वित्तीय भार सीमित रहने से कंपनी अधिक कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ दे सकेगी।

प्रमोशन पाने वाले कर्मचारियों पर नहीं होगा लागू

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह 50:50 मॉडल प्रमोशन पाने वाले कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। ऐसे कर्मचारियों की पूरी वेतन वृद्धि पहले की तरह उनकी बेसिक सैलरी में ही जोड़ी जाएगी।

बोनस पर नहीं पड़ेगा असर

Accenture ने यह भी साफ किया है कि जून में मिलने वाला एकमुश्त भुगतान दिसंबर में दिए जाने वाले वार्षिक बोनस का विकल्प नहीं होगा। बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी और एकमुश्त भुगतान- दोनों को वित्त वर्ष 2025-26 की पात्र आय (Eligible Earnings) का हिस्सा माना जाएगा और इन्हीं के आधार पर बोनस की गणना की जाएगी।

इसके अलावा, Voluntary Equity Investment Program (VEIP) और Employee Share Purchase Plan (ESPP) से जुड़े कर्मचारियों के लिए एकमुश्त भुगतान पर भी सामान्य नियमों के अनुसार आवश्यक कटौतियां लागू होंगी। 

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