RBI की बड़ी कार्रवाई : नियमों के उल्लंघन पर इन 5 कंपनियों पर ठोका भारी भरकम जुर्माना

Edited By Updated: 05 Sep, 2026 10:46 PM

big action by rbi these 5 companies have been fined heavily for violating rules

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेगुलेटरी नियमों का पालन न करने पर देश की 5 प्रमुख कंपनियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय बैंक ने विभिन्न मामलों में इन कंपनियों पर कुल करीब 45 लाख रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया है।

बिजनेस डेस्कः भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेगुलेटरी नियमों का पालन न करने पर देश की 5 प्रमुख कंपनियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय बैंक ने विभिन्न मामलों में इन कंपनियों पर कुल करीब 45 लाख रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया है। इस कार्रवाई की जद में देश के बड़े क्रेडिट ब्यूरो जैसे ट्रांसयूनियन सिबिल, CRIF हाई मार्क और इक्विफैक्स क्रेडिट इंफॉर्मेशन सर्विसेज के अलावा सम्मान फिनसर्व और हिंदुजा लीलैंड फाइनेंस भी आए हैं।

किस कंपनी पर कितना लगा जुर्माना?

RBI द्वारा जारी की गई जानकारी के अनुसार, विभिन्न नियमों की अनदेखी के चलते कंपनियों पर अलग-अलग मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है, जिसका विवरण इस प्रकार है:

  • ट्रांसयूनियन सिबिल: 26,82,800 रुपये
  • CRIF हाई मार्क क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज: 6,89,600 रुपये
  • इक्विफैक्स क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज: 1,19,400 रुपये
  • हिंदुजा लीलैंड फाइनेंस: 6,20,000 रुपये
  • सम्मान फिनसर्व: 4,20,000 रुपये

कार्रवाई की क्या रही मुख्य वजह?

केंद्रीय बैंक ने इन कंपनियों द्वारा नियमों की अनदेखी और रेगुलेटरी आवश्यकताओं को पूरा करने में पाई गई खामियों के चलते यह दंडात्मक कार्रवाई की है:

  1. क्रेडिट ब्यूरो पर कार्रवाई का कारण: ट्रांसयूनियन सिबिल, CRIF हाई मार्क और इक्विफैक्स क्रेडिट जैसी क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियां कुछ शिकायतकर्ताओं को तय समय सीमा के भीतर मुआवजा राशि का भुगतान करने में विफल रही थीं।
  2. सम्मान फिनसर्व की लापरवाही: इस कंपनी ने अपने एक बड़े कर्जदार से जुड़ी महत्वपूर्ण क्रेडिट जानकारी को 'सेंट्रल रिपोजिटरी ऑफ इंफॉर्मेशन ऑन लार्ज क्रेडिट्स' (CRILC) में रिपोर्ट नहीं किया था।
  3. हिंदुजा लीलैंड फाइनेंस की चूक: इस कंपनी के मामले में माइक्रोफाइनेंस लोन की कीमत (लोन प्राइसिंग) तय करने से जुड़ी बोर्ड द्वारा मंजूर की गई नीति को सही तरीके से लागू नहीं किया गया था।

लेन-देन की वैधता पर कोई असर नहीं: RBI

RBI ने इस कार्रवाई पर स्थिति साफ करते हुए कहा है कि यह जुर्माना केवल कंपनियों की ओर से रेगुलेटरी नियमों के पालन में मिली खामियों पर आधारित है। इसका अर्थ यह कतई नहीं है कि RBI ने कंपनियों और उनके ग्राहकों के बीच हुए किसी लेन-देन या समझौते की वैधता पर कोई टिप्पणी की है।

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