ADB ने बढ़ाया भारत की वृद्धि दर का अनुमान, FY26-27 में 6.9% रहेगी GDP ग्रोथ

Edited By Updated: 10 Apr, 2026 12:12 PM

adb raises india s growth forecast to 6 9 for 2026 27

एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने मजबूत घरेलू मांग, आसान वित्तपोषण परिस्थितियों और भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका के कम शुल्क के समर्थन से चालू वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर के 6.9 प्रतिशत रहने का शुक्रवार को अनुमान लगाया। वहीं अगले

बिजनेस डेस्कः एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने मजबूत घरेलू मांग, आसान वित्तपोषण परिस्थितियों और भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका के कम शुल्क के समर्थन से चालू वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर के 6.9 प्रतिशत रहने का शुक्रवार को अनुमान लगाया। वहीं अगले वित्त वर्ष में इसके 7.3 प्रतिशत रहने की संभावना है। 'एशियन डेवलपमेंट आउटलुक रिपोर्ट' में एडीबी ने कहा कि यदि पश्चिम एशिया में संघर्ष लंबे समय तक जारी रहता है तो इससे कई माध्यमों के जरिये भारत के व्यापक आर्थिक प्रदर्शन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इनमें ऊर्जा कीमतों में वृद्धि, व्यापार प्रवाह में बाधा एवं धन प्रेषण (रेमिटेंस) में कमी शामिल हैं क्योंकि यह क्षेत्र भारत के बाहरी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है। 

एडीबी ने अनुमान जताया कि खाद्य कीमतों में पहले आई गिरावट के बाद उछाल, वैश्विक तेल कीमतों में वृद्धि, मुद्रा की कमजोरी और कीमती धातुओं की बढ़ती कीमतों के कारण मुद्रास्फीति 2025-26 के 2.1 प्रतिशत से बढ़कर चालू वित्त वर्ष में 4.5 प्रतिशत हो सकती है। अगले वित्त वर्ष 2027-28 में तेल कीमतों में नरमी के कारण यह घटकर चार प्रतिशत रहने का अनुमान है। भारतीय अर्थव्यवस्था के गत वित्त वर्ष 2025-26 में 7.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करने का अनुमान है जो 2024-25 के 7.1 प्रतिशत से अधिक है। इस वृद्धि की मुख्य वजह आयकर और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती, खाद्य कीमतों में गिरावट से मजबूत घरेलू खपत और स्थिर सार्वजनिक निवेश का माना जा रहा है। 

रिपोर्ट में कहा गया, ''वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक माहौल के बिगड़ने के बावजूद वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत पर मजबूत बनी रहने का अनुमान है। यह गतिविधि मजबूत घरेलू मांग से संचालित होगी, जिसे आसान वित्तपोषण परिस्थितियों एवं और भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका के कम शुल्क से समर्थन मिलेगा।'' एडीबी ने कहा कि 2027-28 में वृद्धि दर बढ़कर 7.3 प्रतिशत हो सकती है जिसे घरेलू सुधारों, यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ व्यापार समझौतों के प्रभाव और सरकारी वेतन वृद्धि से समर्थन मिलेगा। दिसंबर 2025 में जारी 'एशियन डेवलपमेंट आउटलुक रिपोर्ट' में एडीबी ने 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। चालू वित्त वर्ष में खाद्य तथा पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतों से हालांकि मुद्रास्फीति बढ़ने के कारण निजी खपत पर कुछ दबाव पड़ सकता है लेकिन अगले वित्त वर्ष में सरकारी कर्मचारियों के वेतन एवं पेंशन में बढ़ोतरी तथा निवेश में तेजी के कारण घरेलू मांग मजबूत होने से वृद्धि दर में सुधार देखने को मिल सकता है। 

रिपोर्ट के अनुसार यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौते से निर्यात को बढ़ावा मिलने से बाहरी मांग भी मजबूत होने की उम्मीद है। पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक तेल कीमतों में वृद्धि से मुद्रास्फीति पर दबाव बढ़ेगा, चालू खाता घाटा बढ़ सकता है और लागत बढ़ने से आर्थिक वृद्धि प्रभावित हो सकती है। हालांकि, इसका प्रभाव घरेलू ईंधन की कीमतों पर पड़ने वाले असर की मात्रा पर निर्भर करेगा। एडीबी ने कहा, ''सीमित मात्रा अल्पावधि में मुद्रास्फीति और वृद्धि पर पड़ने वाले प्रभाव को कम कर सकती है लेकिन इससे उच्च सब्सिडी आवश्यकताओं के कारण राजकोषीय दबाव बढ़ेगा।''  
 

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