Edited By jyoti choudhary,Updated: 26 Jun, 2026 01:46 PM

वाणिज्य मंत्रालय ने निर्यात संवर्धन परिषदों (ईपीसी) से देश के निर्यात को बढ़ाने और नए बाजारों तक पहुंच बनाने के लिए एक संगठित तथा समन्वित कार्ययोजना तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया है। एक आधिकारिक बयान में बृहस्पतिवार को यह
नई दिल्लीः वाणिज्य मंत्रालय ने निर्यात संवर्धन परिषदों (ईपीसी) से देश के निर्यात को बढ़ाने और नए बाजारों तक पहुंच बनाने के लिए एक संगठित तथा समन्वित कार्ययोजना तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया है। एक आधिकारिक बयान में बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई। मंत्रालय ने परिषदों से सरकार के साथ मिलकर काम करने और भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) से मिलने वाले बाजार अवसरों का पूरा उपयोग करने को भी कहा, ताकि देश के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि का साझा लक्ष्य हासिल किया जा सके।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में यहां 24 जून को हुई बैठक के दौरान इन मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में ईपीसी और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मंत्रालय ने कहा, ''बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि केवल व्यक्तिगत संगठनों की समस्याओं तक सीमित रहने के बजाय निर्यात बढ़ाने, नए बाजारों में प्रवेश, नए उत्पादों को बढ़ावा देने और प्रत्येक परिषद के योगदान को मजबूत करने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना बनाई जानी चाहिए।''
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने नए बाज़ारों की पहचान करने, भारत के मुक्त व्यापार समझौतों से पैदा हुए अवसरों का फ़ायदा उठाने और अहम अंतरराष्ट्रीय व्यापार कार्यक्रमों में ज़्यादा से भागीदारी की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। विदेश व्यापार महानिदेशालय के अतिरिक्त महानिदेशक लोकेश एचडी ने निर्यात संवर्धन मिशन के तहत उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि अब तक 10 पहल की जा चुकी हैं।