Edited By jyoti choudhary,Updated: 25 Aug, 2026 05:31 PM

रक्षा बंधन, गणेश चतुर्थी, दशहरा और दीवाली से पहले खाने-पीने की चीजों के दाम धड़ाधड़ बढ़ रहे हैं। प्याज और चीनी के बाद अब सूखे मेवे (ड्राई फ्रूट्स) महंगे हो रहे हैं। गुजरात और महाराष्ट्र के बाजारों में इसका सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है, जहां ड्राई...
नई दिल्लीः रक्षा बंधन, गणेश चतुर्थी, दशहरा और दीवाली से पहले खाने-पीने की चीजों के दाम धड़ाधड़ बढ़ रहे हैं। प्याज और चीनी के बाद अब सूखे मेवे (ड्राई फ्रूट्स) महंगे हो रहे हैं। गुजरात और महाराष्ट्र के बाजारों में इसका सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है, जहां ड्राई फ्रूट्स का सबसे बड़ा व्यापारिक और प्रोसैसिंग हब है।
अहमदाबाद और सूरत जैसे गुजरात के कई बड़े शहरों और महाराष्ट्र- खासकर मुंबई के वाशी होलसेल मार्कीट में ड्राई फ्रूट्स की खुदरा और थोक कीमतों में 20 से लेकर 80 प्रतिशत तक की भारी बढ़ौतरी दर्ज की गई है।
100 से 300 रुपए तक बढ़ गई कीमत
पुणे में महज 15 दिनों में ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है। इस दौरान बादाम, पिस्ता और काजू की कीमतें 100 से 300 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गई हैं। यहां के लोकल गुल्टेकड़ी मार्कीट यार्ड में कारोबारियों का कहना है कि पहले सावन और अब दूसरे त्यौहारों के समय ड्राई फ्रूट्स की मांग बढ़ गई है। ऊपर से ऑस्ट्रेलिया और अमरीका जैसे बड़े उत्पादक देशों में कम उत्पादन के कारण स्थानीय बाजार में इनकी आवक पर भी असर पड़ा है।
पुणे की ड्राई फ्रूट मार्कीट में पहले हर हफ्ते लगभग 10 से 20 टन बादाम आते थे, लेकिन अब यह आवक घटकर लगभग 5 से 10 टन रह गई है। पिस्ता की आवक भी हर हफ्ते लगभग 400-500 किलो से घटकर लगभग 250 किलो रह गई है। अधिक ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट का दबाव अलग से है।