Edited By jyoti choudhary,Updated: 10 Aug, 2026 01:59 PM

नई दिल्लीः डिमैट अकाउंट और म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए नॉमिनी से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नए नियम 1 सितंबर 2026 से लागू होंगे। इसके तहत एकल डिमैट अकाउंट और म्यूचुअल फंड फोलियो में नॉमिनी का नाम देना जरूरी होगा। अगर कोई निवेशक...
नई दिल्लीः डिमैट अकाउंट और म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए नॉमिनी से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नए नियम 1 सितंबर 2026 से लागू होंगे। इसके तहत एकल डिमैट अकाउंट और म्यूचुअल फंड फोलियो में नॉमिनी का नाम देना जरूरी होगा। अगर कोई निवेशक नॉमिनी नहीं देना चाहता है तो उसे नामांकन से बाहर रहने की घोषणा करनी होगी।
सेबी ने हाल ही में नियमों में बदलाव किया है। सेबी के अनुसार, इस बदलाव का उद्देश्य निवेशक की मृत्यु के बाद शेयर और म्यूचुअल फंड यूनिट्स का ट्रांसफर आसान बनाना और कानूनी विवाद कम करना है।
नॉमिनी नहीं बनाना है तो ऑप्ट-आउट का विकल्प
अगर कोई निवेशक नॉमिनी नहीं बनाना चाहता, तो वह अपने ब्रोकर, बैंक या म्यूचुअल फंड की वेबसाइट या ऐप पर लॉगिन करके 'ऑप्ट-आउट' का विकल्प चुन सकता है। इसके लिए निर्धारित घोषणा-पत्र जमा करना होगा। हालांकि, संयुक्त डिमैट खाते या म्यूचुअल फंड फोलियो में नॉमिनी बनाना अब भी वैकल्पिक रहेगा। ऐसे खातों में नॉमिनी जोड़ने या बदलने के लिए सभी संयुक्त खाताधारकों की सहमति जरूरी होगी।
एक सितंबर से लागू होंगे ये बदलाव
1. अधिकतम तीन ही रहेंगे नॉमिनी
सेबी ने पहले एक खाते में नॉमिनी की अधिकतम संख्या तीन से बढ़ाकर 10 करने का प्रस्ताव दिया था लेकिन इसे वापस ले लिया गया है। अब निवेशक पहले की तरह अधिकतम तीन नॉमिनी ही रख सकेंगे। यदि हिस्सा तय नहीं किया गया, तो संपत्ति तीनों में बराबर बांटी जाएगी।
2. वीडियो सत्यापन की प्रक्रिया खत्म होगी
नॉमिनी नहीं बनाने वाले निवेशकों को अब वीडियो बनाकर अपलोड करने की जरूरत नहीं होगी। निवेशक ऑनलाइन या ऑफलाइन साधारण घोषणा पत्र के जरिए ऑप्ट-आउट कर सकेंगे।
3. नॉमिनी की कम जानकारी देनी होगी
पहले पता, ईमेल, मोबाइल नंबर, पहचान संबंधी जानकारी और हिस्सेदारी प्रतिशत जैसी कई जानकारियां अनिवार्य करने का प्रस्ताव था। अब केवल नॉमिनी का नाम और निवेशक से उसका संबंध बताना जरूरी होगा। बाकी जानकारियां वैकल्पिक रहेंगी।
4. नॉमिनी को खाता संचालित करने का अधिकार नहीं
पहले प्रस्ताव था कि अगर कोई निवेशक बहुत बीमार या लाचार हो जाता है, तो उसका नॉमिनी उसका खाता संभाल सकता है। इस नियम को भी अभी लागू नहीं किया जा रहा है।
बिना नॉमिनी वाले खातों का क्या होगा
जिन निवेशकों ने अभी तक अपने डीमैट खाते या म्यूचुअल फंड फोलियो में नॉमिनी नहीं जोड़ा है, उन्हें समय-समय पर नॉमिनेशन करने के लिए संदेश भेजे जाएंगे। डिपॉजिटरी और म्यूचुअल फंड रजिस्ट्रार एंड ट्रांसफर एजेंट (आरटीए) हर छह महीने पर ऐसे निवेशकों को याद दिलाएंगे।